केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, अब 15 दिन और MSP पर बेच सकेंगे चना, मसूर और सरसों
20 जून 2026, रायपुर: केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, अब 15 दिन और MSP पर बेच सकेंगे चना, मसूर और सरसों – किसानों के हित में केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए चना, मसूर और सरसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदी की अवधि 15 दिन बढ़ा दी है। प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम आशा) के तहत प्राइस सपोर्ट स्कीम में लिया गया यह निर्णय किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यह फैसला केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित राज्यों के कृषि मंत्रियों की उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में लिया गया। बैठक में छत्तीसगढ़ की ओर से कृषि मंत्री रामविचार नेताम, कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी और कृषि संचालक राहुल देव शामिल हुए।
अब किसानों को मिलेगा ज्यादा समय
बैठक में तय किया गया कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 के दौरान किसानों को चना, मसूर और सरसों की उपज समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए 15 दिन अतिरिक्त समय दिया जाएगा। इससे वे बाजार में कम कीमत मिलने की स्थिति से बच सकेंगे और डैच् का पूरा लाभ उठा सकेंगे।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने प्रदेश के किसानों से बढ़ाई गई अवधि का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसान अपनी निकटतम सहकारी समिति में जाकर चना, मसूर और सरसों का विक्रय करें, ताकि उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य का लाभ मिल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को किसी प्रकार की जानकारी या सहायता की आवश्यकता होने पर वे समिति प्रबंधक, कृषि विभाग के मैदानी अमले अथवा संबंधित जिले के उप संचालक कृषि कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
केंद्र सरकार का यह निर्णय किसानों की आय में वृद्धि और उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे उन किसानों को विशेष राहत मिलेगी, जो तय समय सीमा के भीतर अपनी उपज का विक्रय नहीं कर पाए थे।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

