मध्यप्रदेश: रतलाम में नरवाई प्रबंधन अभियान तेज, 300 किसानों को डीकंपोजर वितरण, खेतों में दिया गया लाइव डेमो
21 अप्रैल 2026, रतलाम: मध्यप्रदेश: रतलाम में नरवाई प्रबंधन अभियान तेज, 300 किसानों को डीकंपोजर वितरण, खेतों में दिया गया लाइव डेमो – मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में रतलाम जिले में नरवाई जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने और किसानों को पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत कृषि एवं कृषि अभियांत्रिकी विभाग के सहयोग से किसानों को आधुनिक नरवाई प्रबंधन तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य खेतों में आगजनी की घटनाओं को रोकना और मिट्टी की उर्वरकता को सुरक्षित रखना है।
कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में अब तक 300 पैकेट बायो डीकंपोजर किसानों को वितरित किए गए हैं। इसके साथ ही किसानों को खेतों में जाकर मल्चर, देशी पाटा और रिवर्सिबल प्लाऊ जैसे यंत्रों के माध्यम से नरवाई प्रबंधन का लाइव प्रदर्शन दिखाया गया। अधिकारियों ने किसानों को बताया कि इन तकनीकों से न केवल नरवाई का सही प्रबंधन होता है, बल्कि मिट्टी की गुणवत्ता भी बेहतर होती है।
किसानों के खेतों में लाइव डेमो और प्रशिक्षण
अभियान के तहत कृषि विभाग की टीमों ने किसानों के खेतों में पहुंचकर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। किसानों को बताया गया कि कैसे बायो डीकंपोजर का उपयोग करके फसल अवशेषों को खाद में बदला जा सकता है। इससे खेत की उर्वरकता बढ़ती है और पर्यावरण को भी नुकसान नहीं होता।
कंट्रोल रूम से मिल रही जानकारी
नरवाई प्रबंधन के लिए जिला स्तर पर कलेक्टर कार्यालय में कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। किसान टोल फ्री नंबर 07412-299061 पर कॉल करके जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही वे अपने क्षेत्र के कृषि विस्तार अधिकारी और वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी से भी संपर्क कर सकते हैं।
किसानों को जागरूक करने पर जोर
उप संचालक कृषि ने किसानों से अपील की है कि नरवाई जलाने के बजाय उसे जैविक खाद में परिवर्तित करें। इससे न केवल मिट्टी की गुणवत्ता सुधरेगी बल्कि जलवायु अनुकूल खेती को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि नरवाई जलाने से मिट्टी के पोषक तत्व नष्ट होते हैं और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचता है।
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