मध्यप्रदेश प्राकृतिक खेती अपनाने वाले राज्यों में सबसे अव्वल
22 जून 2026, भोपाल: मध्यप्रदेश प्राकृतिक खेती अपनाने वाले राज्यों में सबसे अव्वल – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्य प्रदेश प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। प्रदेश में 53 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में प्राकृतिक खेती अपनाई जा रही है, जो देश में सर्वाधिक है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती केवल कृषि की एक पद्धति नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने, जल संरक्षण और किसानों की आय में वृद्धि का प्रभावी माध्यम है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को रसायन मुक्त खेती के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही है। प्राकृतिक खेती से उत्पादन लागत कम होती है, भूमि की गुणवत्ता में सुधार आता है और उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध होता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में छह हजार से अधिक किसान समूह प्राकृतिक खेती से जुड़कर इस अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप दे रहे हैं।
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार का लक्ष्य प्राकृतिक खेती का दायरा और अधिक बढ़ाना है। इसके लिए किसानों को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन तथा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। गो-आधारित प्राकृतिक कृषि, जीवामृत, बीजामृत और स्थानीय संसाधनों पर आधारित खेती को बढ़ावा देकर कृषि को आत्मनिर्भर और टिकाऊ बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्राकृतिक खेती के विस्तार से किसानों की आय में वृद्धि होगी, कृषि लागत घटेगी, पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा तथा मध्यप्रदेश कृषि के क्षेत्र में देश के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में अपनी पहचान और मजबूत करेगा। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक संख्या में प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ मिट्टी, स्वच्छ पर्यावरण और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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