मध्यप्रदेश: ‘बोहनी से बाजार तक किसानों के साथ खड़ी है सरकार’, सीहोर में बोले CM मोहन यादव
08 अगस्त 2026, भोपाल: मध्यप्रदेश: ‘बोहनी से बाजार तक किसानों के साथ खड़ी है सरकार’, सीहोर में बोले CM मोहन यादव – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर किसान के खेत-खलिहान और घर में समृद्धि लाना है। किसानों का हर स्तर पर कल्याण सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए सभी जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आयोजित किया जा रहा बलराम कृषि महोत्सव किसानों को खेती की नई तकनीकों से जोड़ने, वैज्ञानिक तरीके से कृषि करने और समृद्ध भविष्य की ओर आगे बढ़ाने का व्यापक अभियान है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को सीहोर जिले में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव कार्यक्रम में छिंदवाड़ा से वर्चुअली जुड़कर किसानों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार किसान कल्याण वर्ष में किसान हितैषी योजनाओं को प्राथमिकता के साथ हर किसान तक पहुंचा रही है। किसानों के खेतों में पानी, बिजली, खाद-बीज और कृषि यंत्र पहुंचाने के साथ उनके खातों में फसल बीमा, सम्मान निधि और ब्याज मुक्त ऋण की राशि भी पहुंचाई जा रही है।
किसानों के लिए ‘कवच योजना’ को मंजूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में राज्य सरकार ने किसानों को सुरक्षा देने वाली ऐतिहासिक ‘कवच योजना’ को मंजूरी दी है। योजना के तहत ऐसे किसानों को राहत मिलेगी, जिनके सहकारी खातों में पुरानी गड़बड़ियों या जांच में देरी के कारण नया ऋण लेने और सरकारी योजनाओं का लाभ पाने में परेशानी आ रही थी। उन्होंने कहा कि ऐसे किसानों को मुख्यधारा में लाकर नया कृषि ऋण उपलब्ध कराया जाएगा और उन्हें किसान हितैषी योजनाओं का पूरा लाभ दिलाया जाएगा।
ऋण खाते क्लियर करने की समय-सीमा में बदलाव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सरकार ने अब छह-छह महीने के स्थान पर एक साल में खातों को पलटने की व्यवस्था लागू कर दी है। किसानों को अपने ऋण खाते क्लियर करने के लिए 31 मार्च तक की बाध्यता को भी समाप्त कर दिया गया है। अब किसान अपनी सुविधा और उपलब्धता के अनुसार जब पैसा हो, तब अपने ऋण खाते में राशि जमा कर सकेंगे।
आधुनिक खेती और फसल विविधिकरण पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान कल्याण वर्ष में सरकार सिंचाई सुविधाओं को बढ़ाने के साथ आधुनिक खेती, प्राकृतिक खेती और कृषि यंत्रों के विस्तार पर भी काम कर रही है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए उन्हें फसल विविधिकरण अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पशुपालन और मत्स्य पालन भी किसानों की आय बढ़ाने के महत्वपूर्ण साधन हैं। राज्य सरकार इन क्षेत्रों को हरसंभव प्रोत्साहन दे रही है। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए दुग्ध समितियों का गठन किया गया है।
गेहूं, सोयाबीन और श्रीअन्न किसानों को राहत
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार खेत में बोहनी से लेकर बाजार में उचित दाम दिलाने तक किसानों के साथ खड़ी है। गेहूं उत्पादक किसानों की चिंता एमएसपी और बोनस के साथ रिकॉर्ड 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद कर दूर की गई है। वहीं, सोयाबीन उत्पादक किसानों को राहत देने के लिए भावांतर भुगतान योजना लागू की गई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहली बार श्रीअन्न (कोदो-कुटकी) की एमएसपी पर खरीदी की गई और किसानों को इसका बोनस भी दिया गया। किसानों की मांग को ध्यान में रखते हुए पात्र किसानों से मूंग उपार्जन की सीमा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दी गई है।
जमीन अधिग्रहण पर मिलेगा चार गुना मुआवजा
कार्यक्रम में राजस्व मंत्री करणसिंह वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में किसानों के हित में लगातार महत्वपूर्ण फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी किसान की जमीन सड़क, नहर या अन्य शासकीय परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित की जाएगी, तो संबंधित किसान को चार गुना मुआवजा दिया जाएगा।
राजस्व मंत्री ने कहा कि प्रदेश में राजस्व संबंधी लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए राजस्व महाभियान और साइबर तहसील जैसी नवाचारी पहलें शुरू की गई हैं। राजस्व महाभियान के तहत अब तक प्रदेश में एक करोड़ से अधिक राजस्व संबंधी प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के सदस्य सीताराम यादव, जनपद अध्यक्ष सीहोर नावड़ी बाई सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
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