1.50 लाख की नौकरी छोड़ शुरू किया मशरूम उत्पादन, अब हर महीने कमा रहे 1 लाख; इंजीनियर कृष्णचन्द्र बने मिसाल
01 सितंबर 2026, भोपाल: 1.50 लाख की नौकरी छोड़ शुरू किया मशरूम उत्पादन, अब हर महीने कमा रहे 1 लाख; इंजीनियर कृष्णचन्द्र बने मिसाल – मन में कुछ अलग करने का जुनून हो तो कोई भी काम छोटा नहीं होता। शहडोल जिले के ब्यौहारी क्षेत्र के किसान एवं इंजीनियर कृष्णचन्द्र शुक्ला ने इस बात को सच कर दिखाया है। नोएडा में 1.50 लाख रुपये प्रतिमाह के वेतन वाली नौकरी छोड़कर उन्होंने अपने क्षेत्र में मशरूम उत्पादन शुरू किया और आज मेहनत, तकनीक एवं नवाचार के दम पर इससे करीब 1 लाख रुपये प्रतिमाह की आय अर्जित कर रहे हैं।
श्री कृष्णचन्द्र शुक्ला ब्यौहारी में शकुन मशरूम प्लांट संचालित कर रहे हैं। नौकरी के दौरान महानगर में रहते हुए उन्हें महसूस हुआ कि अपने क्षेत्र में रहकर आधुनिक कृषि और कृषि आधारित व्यवसाय के माध्यम से बेहतर कार्य किया जा सकता है। इसी सोच के साथ उन्होंने अच्छी-खासी नौकरी छोड़कर मशरूम उत्पादन को अपनी आजीविका का माध्यम बनाने का निर्णय लिया। शुरुआत में यह फैसला चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने मशरूम उत्पादन की तकनीक को समझा और उद्यानिकी विभाग से प्रशिक्षण एवं आवश्यक तकनीकी जानकारी प्राप्त कर धीरे-धीरे अपना उत्पादन बढ़ाया। उनकी मेहनत का परिणाम अब एक सफल व्यवसाय के रूप में सामने है।
शहडोल और रीवा के बाजारों में मशरूम की मांग
कृष्णचन्द्र शुक्ला के प्लांट में उत्पादित मशरूम की बिक्री शहडोल और रीवा के बाजारों में की जा रही है। अब तक करीब 50 टन मशरूम का विक्रय किया जा चुका है, जिससे उन्हें अच्छी आय प्राप्त हुई है। इंजीनियर कृष्णचन्द्र बताते हैं कि मशरूम की फसल लगभग 45 दिनों में तैयार हो जाती है। उत्पादन में जैविक खाद का प्रयोग किया जाता है। कम अवधि में फसल तैयार होने और बाजार में मशरूम की अच्छी मांग के कारण यह व्यवसाय उनके लिए लाभकारी साबित हो रहा है।
खुद रोजगार पाया, दूसरों को भी दिया काम
कभी बड़ी कंपनी में इंजीनियर के रूप में नौकरी करने वाले कृष्णचन्द्र शुक्ला आज केवल खुद के लिए रोजगार नहीं कर रहे, बल्कि मशरूम उत्पादन के माध्यम से स्थानीय लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं। प्लांट के संचालन, उत्पादन, रख-रखाव और अन्य कार्यों में स्थानीय लोगों को काम मिल रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर विकसित होने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
सरकारी योजना से प्लांट के विस्तार की तैयारी
कृष्णचन्द्र शुक्ला अब अपने मशरूम उत्पादन कारोबार को बड़े स्तर पर ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। वे नेशनल हॉर्टिकल्चर मिशन योजना का लाभ लेकर मशरूम उत्पादन इकाई का विस्तार करेंगे। योजना के माध्यम से मिलने वाली सहायता से उत्पादन क्षमता बढ़ाने, आधुनिक सुविधाएं विकसित करने और बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
किसानों और युवाओं के लिए प्रेरणा
कृष्णचन्द्र शुक्ला की सफलता की कहानी उन युवाओं और किसानों के लिए प्रेरणादायक है, जो कृषि को केवल पारंपरिक खेती तक सीमित मानते हैं। उन्होंने अपनी तकनीकी शिक्षा और इंजीनियरिंग की पृष्ठभूमि का उपयोग कृषि क्षेत्र में करते हुए यह साबित किया है कि आधुनिक तकनीक, मेहनत और बाजार की सही समझ के साथ कृषि आधारित व्यवसाय को लाभकारी बनाया जा सकता है। उनका प्रयास यह संदेश देता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहकर भी कृषि और उससे जुड़े नवाचारों के माध्यम से न केवल बेहतर आय अर्जित की जा सकती है, बल्कि स्वयं रोजगार के साथ दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
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