राज्य कृषि समाचार (State News)

किसानों तक आधुनिक तकनीक पहुंचाएंगे KVK, 2027 तक 300 कृषि विज्ञान केंद्रों का होगा कायाकल्प

09 सितंबर 2026, नई दिल्ली: किसानों तक आधुनिक तकनीक पहुंचाएंगे KVK, 2027 तक 300 कृषि विज्ञान केंद्रों का होगा कायाकल्प – किसानों तक वैज्ञानिक ज्ञान, आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत किस्मों, कौशल और नवाचार को पहुंचाने के लिए कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) को मजबूत किया जाएगा। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में राज्यों की भागीदारी बढ़ाने के माध्यम से कृषि विज्ञान केंद्रों को सशक्त बनाने के लिए तैयार कार्ययोजना की समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिवों के 5वें सम्मेलन 2025 से KVK से संबंधित प्रमुख सिफारिशों के क्रियान्वयन में तेजी लाने के उपायों पर चर्चा हुई।

बैठक में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (DARE) के सचिव और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के महानिदेशक डॉ. मंगी लाल जाट सहित मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

300 KVK के इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स का होगा उन्नयन

बैठक में वर्ष 2027 तक प्राथमिकता वाले 300 कृषि विज्ञान केंद्रों के बुनियादी ढांचे और लॉजिस्टिक्स को अपग्रेड करने पर चर्चा की गई। शिवराज सिंह चौहान ने निर्धारित समय सीमा के भीतर लक्ष्य हासिल करने के लिए राज्य सरकारों की सक्रिय भागीदारी और समय पर सहयोग की जरूरत पर जोर दिया।

कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के सचिव ने प्राथमिकता वाले KVK के उन्नयन के लिए वित्तीय और संस्थागत सहायता जुटाने को लेकर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों के साथ बातचीत की है। कई राज्यों ने अपने-अपने राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के माध्यम से कार्ययोजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा और छत्तीसगढ़ ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) भी प्रस्तुत की है, जबकि अन्य राज्य तैयारी और कार्यान्वयन के अलग-अलग चरणों में हैं।

2028 तक सभी KVK में बनेंगे इनक्यूबेशन-सह-कौशल केंद्र

बैठक में दिसंबर 2028 तक सभी कृषि विज्ञान केंद्रों में इनक्यूबेशन-सह-कौशल केंद्र स्थापित करने के कार्य बिंदु पर भी चर्चा हुई। इसके तहत KVK को कृषि आधारित उद्यमों, तकनीकी भागीदार संस्थानों और जिला-विशिष्ट कृषि अवसरों से जोड़ा जा रहा है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए KVK-वार योजनाएं तैयार की जा रही हैं, ताकि इन केंद्रों के लिए वित्त पोषण और कार्यान्वयन संबंधी सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

KVK कर्मचारियों के सुधार पर भी चर्चा

कृषि विज्ञान केंद्रों के कर्मचारियों से जुड़े सुधारों पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। KVK कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और पदोन्नति से संबंधित प्रस्तावित सुधारों को व्यय विभाग (DOE) से मंजूरी मिल चुकी है।

बैठक में KVK कर्मचारियों के लिए NPS योगदान और सेवानिवृत्ति लाभ उपलब्ध कराने में राज्य सरकारों की भूमिका पर भी जोर दिया गया। राज्यों से KVK में खाली पदों पर समय पर भर्ती करने का आग्रह किया गया, ताकि इन केंद्रों के प्रभावी संचालन और अनिवार्य गतिविधियों के लिए पर्याप्त जनशक्ति उपलब्ध हो सके।

दलहन-तिलहन कार्यक्रम के लिए समय पर फंडिंग पर जोर

बैठक के दौरान मौसमी कृषि कार्यक्रमों के लिए KVK को समय पर धन जारी करने के महत्व पर भी चर्चा हुई। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निर्धारित गतिविधियों को संबंधित कृषि मौसम की उपयुक्त अवधि में पूरा किया जा सके। वर्ष 2026-27 के लिए दलहन और तिलहन कार्यक्रम के तहत क्लस्टर फ्रंटलाइन प्रदर्शन (CFLD) 24 राज्यों में 353 KVK/जिलों के माध्यम से लागू किया जा रहा है। इसके लिए 12,349 हेक्टेयर क्षेत्र का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 9,750 हेक्टेयर क्षेत्र पहले ही हासिल किया जा चुका है।

बैठक में कुछ राज्यों में फंड-फ्लो मैपिंग और धन जारी करने में हो रही देरी से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई। राज्यों से कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान (ATARI) और KVK स्तर तक धनराशि का सुचारु और समय पर प्रवाह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया।

इसके साथ ही अनुशंसित गुणवत्ता वाले बीजों और किस्मों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा प्रदर्शनों की योजना और क्रियान्वयन के दौरान बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया।

PM-DDKY में KVK की अहम भूमिका

समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PM-DDKY) के समर्थन में कृषि विज्ञान केंद्रों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया। राज्यों से अनुरोध किया गया कि वे PM-DDKY के तहत अनिवार्य गतिविधियों के साथ जिला-विशिष्ट कार्ययोजनाओं को लागू करने के लिए KVK को पर्याप्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएं।

इसके अलावा क्षमता विकास कार्यक्रमों के साथ जिला स्तर पर KVK की गतिविधियों की व्यापक निगरानी और रिपोर्टिंग पर भी जोर दिया गया। गतिविधियों के परिणामों का मूल्यांकन कर उन्हें निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करने की बात कही गई।

केंद्र-राज्य समन्वय से मजबूत होंगे KVK

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्रों में बदलाव के लिए केंद्र और राज्यों के बीच मजबूत अभिसरण, समय पर वित्तीय सहायता, आधुनिक बुनियादी ढांचा, पर्याप्त जनशक्ति और जिला-विशिष्ट कार्ययोजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि KVK कृषि समुदाय की प्रभावी ढंग से सेवा करने और कृषि क्षेत्र में उभरती चुनौतियों का जवाब देने के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे, मानव संसाधन और संस्थागत सहायता से लैस हों।

मजबूत कृषि विज्ञान केंद्र किसानों और ग्रामीण समुदायों तक वैज्ञानिक ज्ञान, आधुनिक कृषि प्रौद्योगिकियों, उन्नत किस्मों, कौशल, नवाचार और उद्यमिता के अवसर पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। बैठक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए तय कार्य बिंदुओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने और केंद्र तथा अन्य हितधारकों के साथ तालमेल मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया, ताकि KVK कृषि तकनीक के प्रसार, कौशल विकास, नवाचार और ग्रामीण उद्यमिता के प्रभावी मंच के रूप में उभर सकें।

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