प्रधानमंत्री के संदेश से प्रेरित होकर CFMTTI बुदनी ने शुरू किया हरित अभियान
21 मई 2026, बुदनी: प्रधानमंत्री के संदेश से प्रेरित होकर CFMTTI बुदनी ने शुरू किया हरित अभियान – केंद्रीय कृषि मशीनरी प्रशिक्षण एवं परिक्षण संस्थान , बुधनी द्वारा माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आव्हान से प्रेरित होकर एवं “स्मार्ट कृषि”, “हरित ऊर्जा” एवं “सतत विकास” के विज़न को आगे बढ़ाते हुए संस्थान परिसर में अनेक अभिनव एवं पर्यावरण अनुकूल पहल प्रारंभ की गई हैं। इन पहलों का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का प्रसार, ऊर्जा संरक्षण तथा संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है।
संस्थान द्वारा “भविष्य की स्मार्ट कृषि हेतु ड्रोन प्रौद्योगिकी” विषय पर एक विशेष ऑनलाइन व्याख्यान श्रृंखला प्रारंभ की गई है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, आईआईटी, आईसीएआर-सीआईएई, विभिन्न कृषि उद्योगों तथा देश के विभिन्न राज्य कृषि विश्वविद्यालयों (SAUs) के विशेषज्ञ व्याख्यान दे रहे हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से ड्रोन आधारित कृषि तकनीकों, प्रिसिजन फार्मिंग, स्मार्ट कृषि यंत्रीकरण तथा डिजिटल कृषि के विभिन्न आयामों पर प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इससे कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा तथा युवाओं, कृषकों एवं प्रशिक्षणार्थियों को नई तकनीकों की जानकारी प्राप्त होगी।
इसके साथ ही संस्थान द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं हरित ऊर्जा को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से परिसर में निदेशक एवं अधिकारियों के आवागमन हेतु इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग की शुरुआत की गई है। यह पहल ईंधन की बचत, कार्बन उत्सर्जन में कमी तथा स्वच्छ एवं हरित परिसर निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
संस्थान प्रशासन ने सरकारी संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों की वाहन मांगों को एकीकृत (Clubbed) करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ की है, ताकि एक ही मार्ग पर जाने वाले अधिकारियों हेतु एक वाहन का उपयोग किया जा सके। साथ ही सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को व्यक्तिगत वाहनों के उपयोग को न्यूनतम करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
इस अवसर पर डॉ. बी एम नांदेड़े, निदेशक, CFMTTI, बुदनी ने कहा कि संस्थान आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि ड्रोन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, प्रिसिजन फार्मिंग एवं डिजिटल तकनीकों का उपयोग भविष्य की कृषि को अधिक उत्पादक, लाभकारी एवं पर्यावरण अनुकूल बनाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि संस्थान द्वारा शुरू की गई हरित पहलें न केवल ऊर्जा संरक्षण में सहायक होंगी, बल्कि कर्मचारियों एवं प्रशिक्षणार्थियों के बीच पर्यावरणीय जागरूकता भी बढ़ाएँगी।
डॉ. नांदेड़े ने आगे कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा हरित ऊर्जा, स्वच्छ भारत एवं सतत विकास के लिए निरंतर प्रेरित किया जा रहा है। इसी दिशा में केंद्रीय कृषि मशीनरी प्रशिक्षण एवं परिक्षण संस्थान , बुधनी द्वारा भी कई महत्वपूर्ण पहलें प्रारंभ की गई हैं। संस्थान परिसर में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देना, वाहन मांगों को एकीकृत कर ईंधन की बचत करना तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को व्यक्तिगत वाहनों के न्यूनतम उपयोग हेतु प्रेरित करना इन्हीं प्रयासों का हिस्सा है। मैं सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं प्रशिक्षणार्थियों से आग्रह करता हूँ कि वे ऊर्जा संरक्षण एवं पर्यावरण जागरूकता को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। हमारा छोटा-सा प्रयास भी राष्ट्र निर्माण एवं पर्यावरण संरक्षण में बड़ा योगदान दे सकता है।
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