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राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्यप्रदेश के मछली उत्पादन को मिली अंतर्राष्ट्रीय पहचान, कुवैत की मत्स्य कंपनी ने किया 7,430 करोड़ का एग्रीमेंट

07 जुलाई 2026, भोपाल: मध्यप्रदेश के मछली उत्पादन को मिली अंतर्राष्ट्रीय पहचान, कुवैत की मत्स्य कंपनी ने किया 7,430 करोड़ का एग्रीमेंट – मध्यप्रदेश के मत्स्य क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। कुवैत की अग्रणी मत्स्य कंपनी ज़बेदी अल-कुवैत फिशरीज कंपनी और इंदौर की कामदार्स केयर के बीच 7,430 करोड़ रुपये के निवेश और बाय-बैक एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हुए हैं। यह समझौता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में हुआ। यह करार मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्योद्योग नीति-2026 के तहत किया गया है, जिसका उद्देश्य प्रदेश में आधुनिक मत्स्य उद्योग, उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा देना है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार अन्नदाता की समृद्धि के लिए कृषि के साथ-साथ पशुपालन और मत्स्य पालन जैसी आय बढ़ाने वाली गतिविधियों को लगातार प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में तालाबों और जलाशयों की भरपूर उपलब्धता के कारण मत्स्य पालन की अपार संभावनाएं हैं। यह समझौता प्रदेश के मछुआरा समुदाय की आय बढ़ाने के साथ-साथ मध्यप्रदेश को मत्स्य निवेश और निर्यात के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगा।

4 लाख टन अतिरिक्त मछली उत्पादन का लक्ष्य

समझौते के तहत इंदिरा सागर, बरगी, बाणसागर और बारना जलाशयों में केज कल्चर सहित आधुनिक मत्स्य उत्पादन और उससे जुड़े बैकवर्ड एवं फॉरवर्ड लिंकेज का विकास किया जाएगा। इस परियोजना के माध्यम से करीब 4 लाख टन अतिरिक्त मछली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है, जिससे प्रदेश का मत्स्य उत्पादन और निर्यात दोनों बढ़ेंगे।

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एक्वापोनिक्स और ग्रीन हाउस से होगा सब्जियों का उत्पादन

परियोजना के तहत केवल मत्स्य पालन ही नहीं, बल्कि एक्वापोनिक्स, हाइड्रोपोनिक्स और ग्रीन हाउस तकनीक के जरिए लगभग 1.23 लाख टन सब्जियों का उत्पादन भी किया जाएगा। इससे कृषि और मत्स्य पालन को एक साथ बढ़ावा मिलेगा और किसानों के लिए आय के नए अवसर तैयार होंगे।

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35 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार

सरकार के अनुसार, इस परियोजना से प्रदेश में 15 हजार प्रत्यक्ष और 20 हजार अप्रत्यक्ष, यानी कुल 35 हजार रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ ही प्रदेश से करीब 6 हजार करोड़ रुपये के मत्स्य निर्यात का लक्ष्य रखा गया है। इससे मछुआरा समुदाय और मत्स्य व्यवसाय से जुड़े लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

मध्यप्रदेश को मिलेगा वैश्विक बाजार

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुवैत भारत का मित्र देश है और प्रदेश सरकार विदेशी निवेश को तेजी से धरातल पर उतारने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह समझौता मध्यप्रदेश को देश के अग्रणी मत्स्य निवेश और निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

ज़बेदी अल-कुवैत फिशरीज कंपनी का 10 से अधिक देशों में प्रीमियम समुद्री खाद्य उत्पादों और प्रोसेस्ड फूड का व्यापारिक नेटवर्क है। वहीं, इंदौर की कामदार्स केयर किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के विकास और कृषि आधारित व्यवसाय को बढ़ावा देने वाला संस्थान है। सरकार का मानना है कि दोनों संस्थाओं के सहयोग से प्रदेश के मत्स्य क्षेत्र को आधुनिक तकनीक, विदेशी बाजार और निवेश का लाभ मिलेगा।

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