राज्य कृषि समाचार (State News)

मसाला फसलों में प्रदेश नंबर-1, उद्यानिकी फसलों के रकबे का करें विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव  

30 अप्रैल 2026, भोपाल: मसाला फसलों में प्रदेश नंबर-1, उद्यानिकी फसलों के रकबे का करें विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उद्यानिकी फसलें छोटी जगह से बड़ी कमाई करने का प्रभावी माध्यम हैं। प्रदेश के अधिकाधिक किसानों को इससे जोड़ा जाए। किसानों को सीजनल और उद्यानिकी फसलों के उत्पादन के लिए प्राकृतिक खाद का उपयोग कर जैविक खेती से जुड़ने के लिए प्रेरित करें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। उद्यानिकी फसलों के माध्यम से किसानों की वास्तविक आय बढ़ाई जाए। किसानों की आय वृद्धि और उनके जीवन में खुशहाली लाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से उद्यानिकी फसलों और इनके जोत रकबे का साल-दर-साल विस्तार किया जाए। उन्होंने कहा कि हमारी उद्यानिकी एवं मसाला फसलों की अंतरराष्ट्रीय मांग बढ़ रही है। इसकी पूर्ति के लिए बाजार तलाशें और उद्यानिकी उत्पादों की भरपूर ब्रांडिंग करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में औषधीय गुणों से भरपूर फसलों की खेती भी बड़ी मात्रा में की जाती है, जिनकी बड़ी संभावनाएं हैं। औषधि निर्माण के लिए जरूरी इन फसलों की अंतरराष्ट्रीय मांग के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी सप्लाई चेन तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर साल नए आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं अस्पताल खोले जा रहे हैं, जिनमें देशी/आयुर्वेदिक दवाइयों की आपूर्ति में प्रदेश की औषधीय फसलों एवं उप-उत्पादों का उपयोग बढ़ाया जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मसाला फसलों के उत्पादन में मध्यप्रदेश पूरे देश में पहले स्थान पर है। यह उपलब्धि हमें इस क्षेत्र में और बेहतर करने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने बुधवार को मंत्रालय में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की योजनाओं और गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति और हितग्राहियों को लाभ प्रदाय पर गहन चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि सिंहस्थ-2028 के मद्देनजर उज्जैन में फूलों की खेती को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसके लिए उज्जैन में सेंटर फॉर एक्सीलेंस फ्लोरीकल्चर की स्थापना की जा रही है। इसके लिए उज्जैन के पास 19 एकड़ भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है।

उद्यानिकी क्षेत्र का विस्तार और वैश्विक पहचान

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2030 तक उद्यानिकी क्षेत्र का रकबा 30 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। बागवानी फसलों के उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए हॉर्टिकल्चर प्रमोशन एजेंसी की स्थापना की जा रही है।

प्रदेश के उद्यानिकी उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए जीआई टैग की प्रक्रिया जारी है। इसमें जबलपुरी मटर, गुना का कुंभराज धनिया, बुरहानपुर का केला, रतलाम का रियावन लहसुन, खरगोन की मिर्च, इंदौर का मालवी आलू, बरमन भटा और छतरपुर का पान शामिल हैं।

मध्यप्रदेश में उद्यानिकी फसलों का उत्पादन एवं देश में स्थान

क्रंउद्यानिकी फसल/उत्पादन का नामदेश में कुल उत्पादनमप्र में कुल उत्पादऩदेश में स्थान
1मसाला फसलें129.52 लाख मी. टन57.72 लाख मी. टनपहला
2पुष्प उत्पादन32.26 लाख मी. टन4.88 लाख मी. टनतीसरा
3सब्जी उत्पादन2177.96 लाख मी. टन259.52 लाख मी. टनतीसरा
4फल उत्पादन1176.48 लाख मी. टन102.44 लाख मी. टनचौथा

मखाना उत्पादन को बढ़ावा

प्रदेश के 14 जिलों में मखाना उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मखाना क्षेत्र विस्तार योजना के तहत इसका रकबा बढ़ाकर 85 हेक्टेयर करने का लक्ष्य है। इस पर केंद्र सरकार द्वारा 40 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है।

महोत्सव और ब्रांडिंग पर जोर

प्रदेश में आम, मिर्च, केला, सब्जी, अमरूद और मधुमक्खी पालन महोत्सव आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने संतरा महोत्सव भी आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आम महोत्सव के दौरान सभी संभागों में आम के बाग लगाने, केला महोत्सव में उद्योगों को जोड़ने और सब्जी महोत्सव में किचन गार्डन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए।

हाईटेक नर्सरी और आधुनिक खेत

प्रदेश की 40 नर्सरियों को हाईटेक बनाया जा रहा है। सूक्ष्म सिंचाई, स्मार्ट बीज फार्म और आधुनिक कृषि तकनीक को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही रूपाखेड़ा गांव (धार) फूलों की खेती में विशेष पहचान बना रहा है।

किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्यानिकी फसलों से किसानों को त्वरित और अधिक नकद आय मिल सकती है। इसलिए फल, फूल, सब्जी, मसाला, औषधीय एवं सुगंधित फसलों को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को आधुनिक तकनीक, सिंचाई सुविधा, बाजार और प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर खेती को लाभ का व्यवसाय बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और किसी भी किसान को कठिनाई न हो। उद्यानिकी उत्पादों के प्रसंस्करण को बढ़ावा देकर किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने और रोजगार सृजन की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

बैठक में उपस्थित अधिकारी

बैठक में सामाजिक न्याय, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी, मुख्यमंत्री के सचिव श्री आलोक कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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