Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

श्योपुर में फ्लोरीकल्चर का रकबा बढ़कर 90 हेक्टेयर हुआ, फूलों और मिर्च की खेती से किसानों को हो रही अच्छी कमाई 

06 नवंबर 2026, श्योपुर: श्योपुर में फ्लोरीकल्चर का रकबा बढ़कर 90 हेक्टेयर हुआ, फूलों और मिर्च की खेती से किसानों को हो रही अच्छी कमाई – मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले के कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा के मार्गदर्शन में जिले में फ्लोरीकल्चर का रकबा बढ रहा है, उद्यानिकी विभाग द्वारा बागवानी के लिए किसानों को प्रेरित करने के साथ ही उन्हें तकनीकी ज्ञान और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है, जिसके चलते श्योपुर जिले में फूलों की खेती का रकबा 90 हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जिसमें किसानों के द्वारा गेंदा, गुलाब, गिल वाडिया और बेजी के फूलो की खेती की जा रही है। विजयपुर क्षेत्र के कृषक महेश कुशवाह द्वारा ग्राम बुद्ध का पुरा में लगभग ढाई बीघा भूमि में गेंदा की खेती की जा रही है और फूलो का उत्पादन भी भरपूर हो रहा है, फूलो की खेती के माध्यम से उन्हें रोज आमदनी प्राप्त हो रही है। कुशवाह बताते है कि स्थानीय बाजार में फूलो की मांग के चलते प्रतिदिन फूलो का विक्रय हो रहा है, वर्तमान में त्यौहारी सीजन होने से दाम भी अच्छे मिल रहे है।

इसी प्रकार खिरनी ग्राम के हरिओम द्वारा भी गेंदा के फूलो की खेती की जा रही है, जिससे उन्हें लाभ मिल रहा है। हरिओम का कहना है कि उनके पास कम जमीन होने से परंपरागत फसलों के उत्पादन से उतनी आय अर्जित नहीं होती है, जितनी आय फूलो की खेती से हो रही है।

उद्यानिकी विस्तार अधिकारी  एसएस प्रजापति ने बताया कि कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा द्वारा जिले में उद्यानिकी और फ्लोरीकल्चर का रकबा बढाने के लिए दिये गये निर्देशो के क्रम में किसानों को फूलो की खेती से जोडा जा रहा है। गेंदा, गुलाब और गिलवाडिया तथा बेजी के फूलों के उत्पादन के लिए श्योपुर जिले का मौसम अनुकूल है तथा इसका उत्पादन भी अधिक होता है। बाजार में अच्छी मांग के चलते किसानों को फूलो की खेती से लाभ हो रहा है। उन्होंने बताया कि फूलो की खेती के लिए ओर भी किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके साथ ही जिले में मिर्ची उत्पादन को भी बढावा दिया गया है, जिसके तहत श्योपुर तहसील के ग्राम माधो का डेरा में मिर्ची कलस्टर विकसित किया गया है, जहां 42 महिला कृषको द्वारा लगभग 150 बीघा भूमि में मिर्ची का उत्पादन किया जा रहा है।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें