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राज्य कृषि समाचार (State News)

हरियाणा में धान सत्यापन नहीं होने पर भी नहीं रुकेगी खरीद, मंडी में ही होगा समाधान

‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर दर्ज किसानों को राहत, 30.26 लाख मीट्रिक टन धान की आवक

27 अक्टूबर 2026, चंडीगढ़: हरियाणा में धान सत्यापन नहीं होने पर भी नहीं रुकेगी खरीद, मंडी में ही होगा समाधान – चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने धान बिक्री के लिए मंडियों में पहुंचने वाले किसानों को राहत देते हुए सत्यापन संबंधी समस्याओं का मौके पर ही समाधान करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने सभी मार्केट कमेटियों के सचिवों को कहा है कि ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ (एमएफएमबी) पोर्टल पर पंजीकृत जिन किसानों का धान सत्यापन किसी कारण से नहीं हो पाया है, लेकिन वे अपनी उपज लेकर मंडी पहुंच चुके हैं, उनका राजस्व विभाग से समन्वय कर तत्काल सत्यापन कराया जाए। इसका उद्देश्य किसानों को धान बेचने में होने वाली परेशानी से बचाना और खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखना है।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के प्रवक्ता के अनुसार, प्रदेश की मंडियों और खरीद केंद्रों में 29 सितंबर 2026 से शुरू हुआ खरीफ खरीद सीजन जारी है। खरीद, धान के उठान और किसानों को भुगतान की प्रक्रिया सुचारू रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

खरीद लक्ष्य का 52 प्रतिशत धान मंडियों में पहुंचा

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा में चालू सीजन के दौरान लगभग 60.67 लाख मीट्रिक टन गैर-बासमती धान उत्पादन का अनुमान है। 21 अक्टूबर 2026 तक राज्य की मंडियों में करीब 30.26 लाख मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है। यह केंद्र सरकार के 58 लाख मीट्रिक टन के कुल खरीद लक्ष्य का लगभग 52 प्रतिशत है।

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मंडियों में धान की आवक के साथ खरीद प्रक्रिया भी जारी है। अब तक कुल आवक में से 24.93 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद पूरी की जा चुकी है। इससे स्पष्ट है कि मंडियों में पहुंची उपज के बड़े हिस्से की सरकारी खरीद हो चुकी है।

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खरीदे गए धान का 70 प्रतिशत उठान पूरा

मंडियों में खरीदे गए धान को सुरक्षित तरीके से आगे पहुंचाने के लिए उठान की प्रक्रिया भी संचालित की जा रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, खरीदे गए धान में से 17.54 लाख मीट्रिक टन का मंडियों से उठान किया जा चुका है। यह कुल खरीदे गए धान का लगभग 70 प्रतिशत है।

धान का समय पर उठान होने से मंडियों में जगह उपलब्ध बनाए रखने और आगे आने वाली उपज की खरीद में सुविधा मिल सकती है। सरकार ने खरीद और उठान के साथ भुगतान व्यवस्था पर भी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।

सत्यापन में देरी पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय

‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पंजीकरण और फसल सत्यापन की प्रक्रिया खरीद व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सत्यापन नहीं होने के कारण किसानों को मंडियों में परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए सरकार ने मौके पर ही राजस्व विभाग के सहयोग से सत्यापन कराने को कहा है।

मार्केट कमेटियों के सचिवों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे मामलों में तत्काल समन्वय स्थापित करें। वहीं, नोडल अधिकारियों की तैनाती से खरीद, उठान और भुगतान संबंधी गतिविधियों की निगरानी की जाएगी।

सरकार के इन निर्देशों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पंजीकृत किसानों को केवल सत्यापन में देरी के कारण अपनी उपज बेचने में अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े और खरीफ खरीद सीजन के दौरान मंडियों में व्यवस्था बनी रहे।

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