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राज्य कृषि समाचार (State News)

बिहार के 1,200 गांवों में चलेगा जलवायु अनुकूल खेती का कार्यक्रम, 14.06 करोड़ रुपए मंजूर

24 जिलों में 27,600 एकड़ में होगा फसलों का प्रत्यक्षण, 18 हजार किसानों को खेतों पर दिया जाएगा प्रशिक्षण

27 अक्टूबर 2026, पटना: बिहार के 1,200 गांवों में चलेगा जलवायु अनुकूल खेती का कार्यक्रम, 14.06 करोड़ रुपए मंजूर – बिहार में जलवायु परिवर्तन से खेती पर पड़ने वाले प्रभावों को कम करने और किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों से जोड़ने के लिए राज्य के 24 जिलों के 1,200 गांवों में जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम चलाया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस कार्यक्रम के तहत 14.06 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। रबी और गरमा मौसम में कुल 27,600 एकड़ क्षेत्र में विभिन्न फसलों और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों का प्रत्यक्षण किया जाएगा।

कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को बदलती जलवायु के अनुरूप खेती करने, उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और फसल उत्पादन को प्रभावित करने वाली परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसका उद्देश्य ऐसी कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना है, जिनसे बाढ़, सूखा, कम बारिश और तापमान में बदलाव जैसी चुनौतियों के बीच भी खेती को टिकाऊ बनाया जा सके।

18 हजार किसानों को मिलेगा खेतों पर प्रशिक्षण

योजना के तहत 18,000 किसानों को उनके खेतों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा 3,600 किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों की जानकारी देने के लिए अध्ययन भ्रमण कराया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को जलवायु अनुकूल फसल प्रबंधन और आधुनिक कृषि तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग से परिचित कराने पर जोर रहेगा।

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खेतों पर प्रत्यक्षण के माध्यम से किसान विभिन्न कृषि पद्धतियों को देखकर और अपनाकर उनके लाभ समझ सकेंगे। इससे स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार खेती की तकनीक चुनने में भी मदद मिलेगी।
चतुर्थ कृषि रोड मैप के तहत होगा गांवों का चयन

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कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा के अनुसार, यह कार्यक्रम बिहार के चतुर्थ कृषि रोड मैप के तहत संचालित किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक जिले में पांच प्राथमिक गांवों का चयन किया जाएगा। हर प्राथमिक गांव के आसपास के नौ अन्य गांवों को जोड़कर कार्यक्रम का विस्तार किया जाएगा। इस प्रकार प्रत्येक जिले में 50 गांवों तक योजना की गतिविधियां पहुंचाने का लक्ष्य है।

राज्य के 24 जिलों में इस व्यवस्था के माध्यम से कुल 1,200 गांवों को कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा। गांवों के चयन और कृषि गतिविधियों के विस्तार के जरिए जलवायु अनुकूल खेती की तकनीकों को अधिक किसानों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

बदलते मौसम के अनुरूप खेती पर जोर

बिहार में खेती के सामने बाढ़, सूखा, अनियमित वर्षा और तापमान में उतार-चढ़ाव जैसी चुनौतियां रहती हैं। इन परिस्थितियों में फसल उत्पादन और किसानों की आय प्रभावित हो सकती है। जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को वैज्ञानिक पद्धतियां अपनाने और स्थानीय मौसम परिस्थितियों के अनुसार फसल प्रबंधन करने के लिए तैयार किया जाएगा ।
रबी और गरमा मौसम में 27,600 एकड़ क्षेत्र में होने वाले प्रत्यक्षण, किसानों के प्रशिक्षण और अध्ययन भ्रमण के जरिए नई तकनीकों का प्रसार किया जाएगा। कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन से चयनित गांवों में जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने और किसानों की बदलती मौसम परिस्थितियों से निपटने की क्षमता मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।

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