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राज्य कृषि समाचार (State News)

किसानों के लिए जरूरी खबर! कद्दू, टमाटर, मिर्च समेत इन सब्जियों की बुवाई का सही समय, जानें कौन-सी किस्में देंगी ज्यादा उत्पादन

23 जुलाई 2026, भोपाल: किसानों के लिए जरूरी खबर! कद्दू, टमाटर, मिर्च समेत इन सब्जियों की बुवाई का सही समय, जानें कौन-सी किस्में देंगी ज्यादा उत्पादन – खरीफ सीजन में सब्जियों की खेती करने वाले किसानों के लिए यह उपयुक्त समय है। मध्यप्रदेश के सीहोर जिले के कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि वे इस अवधि में कद्दू, टमाटर, हरी मिर्च, बैंगन, अगेती फूलगोभी, भिंडी, लोबिया, ग्वार फली, लौकी, करेला, तोरई और खीरा जैसी सब्जियों की बुवाई एवं पौध तैयार करने का कार्य शुरू करें। साथ ही अधिक उत्पादन के लिए उन्नत किस्मों का चयन और वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने की सलाह दी गई है।

खरीफ सीजन में सब्जियों की खेती के लिए उन्नत किस्में 

कृषि वैज्ञानिक के अनुसार उन्नत किस्में: लौकी पूसा नवीन, पूसा समृद्धि, करेला पूसा विशेष, अर्का, हरित , तोरई- पूसा चिकनी धारदार, पूसा नसदार, खीरा पूसा उदय, पूसा बरखा, टमाटर- अर्का रक्षक, अर्का सम्राट, अगेती फूलगोभी- पूसा मेघना, पूसा कार्तिक, मिर्च पूसा उजाला, पूसा सदाबहार, बैंगन- पूसा उत्तम, पूसा उपकार, भिंडी- परभनी क्रांति, अर्क अनामिका, लोबिया- काशी कंचन, काशी सुधा, ग्वार फली- पूसा मौसमी, पूसा बीम, खरीफ प्याज-एकल लोकी 2.5-3.0 किलो, नवबहार, प्याज-एन-53, एग्री फाउंड डार्क रेड बैंगन 400-500 ग्राम, भिंडी 10-12 किलो, लोविया 15-18 किलो, ग्वार 500 ग्राम 600 ग्राम, मिर्च 1000-1200 ग्राम, कोरेला दर सब्जी मिला, तोरई 2.5 किलो, खीरा प्रमुख कृषि विज्ञान 1-15 30-350 कि00 – 500 ग्राम, फूलगोभी, फली 15-18 एवं खरीफ प्याज 8-10 किलो बीज प्रति हेक्टेयर, उपयोग करें।बीज उपचार करना न भूलें
वैज्ञानिकों ने सलाह दी है कि बुवाई से पहले बीजों का उपचार अवश्य करें। इसके लिए कार्बेन्डाजिम + मैन्कोजेब फफूंदनाशी का 2 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज की दर से उपचार करने से बीजजनित रोगों से बचाव होता है और पौधों का अंकुरण बेहतर होता है।

ऐसे तैयार करें पौधशाला

एक हेक्टेयर क्षेत्र के लिए सब्जियों की पौध तैयार करने हेतु लगभग 225 वर्गमीटर नर्सरी पर्याप्त मानी गई है। नर्सरी की क्यारी सामान्यतः 7.5 मीटर लंबी, 1 मीटर चौड़ी और 10 से 15 सेंटीमीटर ऊंची बनाई जानी चाहिए। क्यारी तैयार करते समय अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

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नर्सरी की देखभाल भी जरूरी

कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि बुवाई के बाद क्यारियों को सूखे पुआल से ढक देना चाहिए, ताकि नमी और तापमान बना रहे और बीजों का अंकुरण बेहतर हो। तेज धूप से पौधों की सुरक्षा के लिए नर्सरी को 40 प्रतिशत शेड नेट से करीब 6.5 फीट की ऊंचाई पर ढकना लाभदायक रहेगा। इससे पौध स्वस्थ विकसित होगी और खेत में रोपाई के समय बेहतर परिणाम मिलेंगे।

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