Ad DesktopAd TabletAd Mobile
फसल की खेती (Crop Cultivation)राज्य कृषि समाचार (State News)

क्या आप मक्का की फसल उगा रहे है, तो इस सलाह को जरूर माने

26 अगस्त 2025, भोपाल: क्या आप मक्का की फसल उगा रहे है, तो इस सलाह को जरूर माने – यदि आप किसान होकर मक्का की फसल को उगा रहे है तो इस सलाह को आप जरूर माने…! जी हां  कृषि विभाग ने मक्का की फसल उगा रहे किसान भाइयों को सलाह दी है कि मक्का में यूरिया (नाइट्रोजन) और अन्य रासायनिक खादों का जरूरत से ज्यादा उपयोग फसल के लिए हानिकारक हो सकता है। उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास  अशोक कुमार उपाध्याय ने बताया कि किसान यदि मक्का फसल में जरूरत से ज्यादा यूरिया या एनपीके खाद डालते हैं, तो इससे फसल को लाभ की बजाय नुकसान हो सकता है।

कई बार उपज घट जाती है और लागत बढ़ जाती है। ज्यादा खाद डालने से पौधों की बढ़वार असंतुलित हो जाती है, जिससे दानों का सही विकास नहीं हो पाता। इसके अलावा खेत में खाद का निक्षालन (लिंचिंग) हो जाता है यानी खाद बहकर मिट्टी में नीचे चला जाता है, जिससे पौधों को उसका पूरा लाभ नहीं मिल पाता।

इससे मिट्टी की उर्वरता भी घट जाती है और भूजल प्रदूषित होता है। इतना ही नहीं, ज्यादा खाद देने से कीट और रोगों का प्रकोप भी बढ़ जाता है, जिससे उत्पादन घट जाता है और किसानों की मेहनत पर पानी फिर जाता है। यदि किसान डीएपी (46% P₂O₅ और 18% N) का उपयोग यूरिया के साथ कर रहे हैं, तो एक हेक्टेयर के लिए यूरिया की मात्रा घटाकर 200 किग्रा/हेक्टेयर कर दें। इससे संतुलन बना रहेगा। किसानों को सलाह दी गई है कि वे पारंपरिक यूरिया की जगह नैनो यूरिया का उपयोग करें। इसकी मात्र 4-5 ml प्रति लीटर पानी में मिलाकर पत्तियों पर छिड़काव करें। नैनो यूरिया के उपयोग से यूरिया की खपत में 20-30% तक बचत की जा सकती है।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम, व्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.global-agriculture.com