राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

केंद्र सरकार शुरू करेगी नई मत्स्य पालन पायलट योजना, ‘एक मछली एक धान’ मॉडल से बढ़ेगी किसानों की आय

24 अगस्त 2025, नई दिल्ली: केंद्र सरकार शुरू करेगी नई मत्स्य पालन पायलट योजना, ‘एक मछली एक धान’ मॉडल से बढ़ेगी किसानों की आय – केरल के कुट्टनाड क्षेत्र में मछुआरा और किसान समुदाय के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार ने इस क्षेत्र में किसानों की आजीविका बढ़ाने के उद्देश्य से एक नई पायलट परियोजना शुरू करने की घोषणा की है। खास बात यह है कि इसमें “एक मछली एक धान” जैसी टिकाऊ पहल को शामिल किया गया है, जिससे किसान धान की खेती के साथ-साथ मछली पालन कर सकेंगे और एक ही खेत से दोहरा लाभ कमा सकेंगे।

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इस योजना की घोषणा केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी, तथा अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने कोच्चि में आईसीएआर–केंद्रीय समुद्री मत्स्य अनुसंधान संस्थान (सीएमएफआरआई) में आयोजित एक बैठक में की। योजना का उद्देश्य मछली पालन और कृषि के समन्वय से कुट्टनाड की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।

सरकार इस पहल के तहत पारंपरिक और आधुनिक जलीय कृषि पद्धतियों को मिलाकर काम करेगी। इस नई पायलट परियोजना में एकीकृत मत्स्य पालन, पिंजरे में मछली पालन, ‘एक मछली एक धान’ मॉडल और बायोफ्लॉक तकनीक जैसी विधियाँ शामिल हैं, जो किसानों और मछुआरों को एक साथ लाभ पहुंचा सकती हैं।

एफएफपीओ का गठन और प्रशिक्षण कार्यक्रम

इस परियोजना के तहत मत्स्य कृषक उत्पादक संगठन (FFPO) का गठन किया जाएगा ताकि स्थानीय लोगों को सशक्त बनाया जा सके और कार्य को सही दिशा में आगे बढ़ाया जा सके। किसानों को मछली पालन और उससे जुड़ी गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे इस क्षेत्र में सफलतापूर्वक काम कर सकें।

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इस योजना में स्टार्टअप्स को भी शामिल करने की योजना है, जो मछली की प्रोसेसिंग, सफाई, पैकिंग और व्यापार जैसे कामों में जुड़कर रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगे और उपज का बेहतर मूल्य दिलाएंगे।

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विविध जलीय वातावरण के अनुसार लागू होगी परियोजना  

कुट्टनाड के खास जलीय वातावरण को ध्यान में रखते हुए यह योजना मीठे और खारे पानी की खेती के लिए अलग-अलग तरीके से लागू की जाएगी। ऊपरी और निचले कुट्टनाड की स्थितियों के अनुसार तकनीक और विधियां तय की जाएँगी।

आईसीएआर अनुसंधान संस्थान, कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) और अन्य विशेषज्ञ संस्थाएं किसानों को वैज्ञानिक और तकनीकी सहायता प्रदान करेंगी ताकि यह योजना धरातल पर सफलतापूर्वक उतारी जा सके।

विस्तृत परियोजना रिपोर्टजल्द तैयार होगी मंत्री जॉर्ज कुरियन ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य किसानों की आमदनी को बढ़ाना है और इसके तुरंत और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) जल्द ही तैयार की जाएगी। इससे कुट्टनाड क्षेत्र को लंबे समय तक आर्थिक लाभ मिलेगा।

इस बैठक में पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर, मत्स्य विकास आयुक्त डॉ. मोहम्मद कोया, सीएमएफआरआई के निदेशक डॉ. ग्रिंसन जॉर्ज और डॉ. इमेल्डा जोसेफ समेत कई विशेषज्ञों और संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार साझा किए।

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