राज्य कृषि समाचार (State News)

हिमाचल सरकार का बड़ा फैसला, अब बिना Farmer ID नहीं मिलेगा योजनाओं का लाभ

06 जनवरी 2026, भोपाल: हिमाचल सरकार का बड़ा फैसला, अब बिना Farmer ID नहीं मिलेगा योजनाओं का लाभ – हिमाचल प्रदेश सरकार ने किसानों और बागवानों के हित में एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। राज्य में अब Farmer ID के बिना किसी भी सरकारी कृषि योजना का लाभ नहीं मिलेगा। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से किसानों तक योजनाओं का लाभ सीधे, पारदर्शी और बिना किसी गड़बड़ी के पहुंचाया जा सकेगा। इस फैसले के बाद राज्य के सभी किसानों और बागवानों के लिए Farmer ID बनवाना अनिवार्य हो गया है।

सरकार के मुताबिक, Farmer ID एक यूनिक डिजिटल पहचान होगी, जिससे यह साफ हो सकेगा कि वास्तविक किसान कौन है और किसे किस योजना का लाभ मिलना चाहिए। अब तक कई योजनाओं में देरी, दोहराव और गलत लाभ की शिकायतें सामने आती रही हैं। Farmer ID लागू होने से न सिर्फ ऐसे मामलों पर रोक लगेगी, बल्कि किसानों को समय पर और सही लाभ मिल सकेगा। यह पूरी प्रक्रिया केंद्र सरकार की AgriStack योजना का हिस्सा है, जिसके तहत देशभर के किसानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है।

कृषि विभाग के डायरेक्टर डॉ. रविंदर सिंह जस्रोटिया के अनुसार, हर किसान और बागवान को एक अलग Farmer ID दी जाएगी। इसके लिए किसानों को आधार आधारित eKYC कराना होगा। यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल, सुरक्षित और सरल रखी गई है, ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो और वे आसानी से पंजीकरण कर सकें।

किसान घर बैठे भी Farmer ID के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें गूगल पर “Farmer Registry Himachal Pradesh” सर्च करना होगा या सीधे hpfr.agristack.gov.in पोर्टल पर जाकर ‘Farmers’ विकल्प चुनना होगा। इसके बाद अकाउंट बनाकर अपनी खेती और जमीन से जुड़ी जानकारी भरनी होगी, जिसके पूरा होते ही किसान को उसकी Farmer ID जारी कर दी जाएगी।

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जो किसान ऑनलाइन पंजीकरण नहीं कर पा रहे हैं, उनके लिए सरकार ने लोक मित्र केंद्रों की व्यवस्था की है, जहां मुफ्त तकनीकी सहायता दी जा रही है। इसके अलावा किसान अपने नजदीकी कृषि या बागवानी अधिकारी से भी मदद ले सकते हैं। सरकार का कहना है कि कोई भी किसान सिर्फ तकनीकी कारणों से योजना के लाभ से वंचित न रहे, इसलिए हर स्तर पर सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

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Farmer ID बनने के बाद किसान प्राकृतिक खेती, बीज और उर्वरक वितरण, सिंचाई सहायता, फसल बीमा, सब्सिडी और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना सहित राज्य और केंद्र सरकार की कई योजनाओं का लाभ ले सकेंगे। सरकार का मानना है कि Farmer ID किसानों के लिए एक तरह से पहचान पत्र की तरह काम करेगी, जैसे स्कूल में छात्रों का रोल नंबर होता है, उसी तरह अब सरकारी योजनाओं में किसान की पहचान Farmer ID से होगी।

कृषि विभाग ने राज्य के सभी किसानों और बागवानों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द Farmer ID बनवाएं, ताकि उन्हें भविष्य में किसी भी सरकारी योजना का लाभ लेने में परेशानी न हो। सरकार का दावा है कि इस पहल से हिमाचल प्रदेश के किसान और बागवान अब पहले से ज्यादा आसानी और पारदर्शिता के साथ सरकारी सहायता का लाभ उठा सकेंगे।

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