मध्यप्रदेश में PM धन-धान्य कृषि योजना की निगरानी के लिए बनी हाई लेवल कमेटी, मुख्य सचिव होंगे अध्यक्ष; 8 जिलों पर रहेगा फोकस
23 जुलाई 2026, भोपाल: मध्यप्रदेश में PM धन-धान्य कृषि योजना की निगरानी के लिए बनी हाई लेवल कमेटी, मुख्य सचिव होंगे अध्यक्ष; 8 जिलों पर रहेगा फोकस – प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और नियमित निगरानी के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य स्तरीय हाई लेवल कमेटी का गठन किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार इस समिति की अध्यक्षता प्रदेश के मुख्य सचिव करेंगे, जबकि कृषि उत्पादन आयुक्त को उपाध्यक्ष बनाया गया है। यह समिति योजना के तहत चयनित आठ जिलों में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने, योजनाओं की समीक्षा करने और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का काम करेगी।
आदेश के अनुसार, किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के सचिव को समिति का सदस्य-सचिव बनाया गया है। इसके अलावा उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास, पशुपालन एवं डेयरी विकास, सहकारिता, जल संसाधन, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के सचिव समिति के सदस्य होंगे। साथ ही जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर, राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर, नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर, नाबार्ड मध्यप्रदेश और राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) के प्रतिनिधियों को भी समिति में शामिल किया गया है।
योजना के क्रियान्वयन की होगी नियमित समीक्षा
राज्य स्तरीय समिति प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा करेगी। इसके साथ ही सभी संबंधित विभागों की योजनाओं का अभिसरण (कन्वर्जेंस) सुनिश्चित किया जाएगा और चयनित जिलों को समय पर बजट आवंटित करने की प्रक्रिया की निगरानी भी की जाएगी। समिति यह भी सुनिश्चित करेगी कि योजना के सफल संचालन के लिए सभी क्रियान्वयन एजेंसियों को आवश्यक सहयोग और संसाधन उपलब्ध हों।
वार्षिक कार्ययोजना और बजट पर रहेगा विशेष जोर
समिति चयनित जिलों में मैदानी स्तर पर विभिन्न विभागों में आवश्यक पदों की उपलब्धता और समय पर बजट जारी होने की समीक्षा करेगी। इसके अलावा प्रत्येक जिले की वार्षिक कार्ययोजना (एनुअल एक्शन प्लान) में सभी संबंधित विभागों की योजनाओं को शामिल कराने की जिम्मेदारी भी समिति की होगी। सरकार का उद्देश्य कृषि विकास से जुड़ी योजनाओं को एकीकृत कर बेहतर परिणाम हासिल करना है।
ब्रांडिंग, मार्केटिंग और वैल्यू एडिशन पर भी होगा फोकस
सरकार ने योजना के तहत चयनित आठ जिलों के कृषि उत्पादों की ब्रांडिंग, विपणन और मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) को भी प्राथमिकता दी है। समिति यह सुनिश्चित करेगी कि किसानों को केवल उत्पादन तक सीमित न रहना पड़े, बल्कि उनके उत्पादों को बेहतर बाजार, प्रोसेसिंग और ब्रांडिंग का लाभ भी मिले। इससे किसानों की आय बढ़ाने और स्थानीय कृषि उत्पादों को नई पहचान दिलाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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