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उज्जैन जिले में ग्रोमोर की किसान बैठक आयोजित

13 जुलाई 2024, इंदौर: उज्जैन जिले में ग्रोमोर की किसान बैठक आयोजित – उज्जैन जिले के ग्राम कनासिया में गत दिनों प्रसिद्ध कंपनी कोरोमंडल इंटरनेशनल के उत्पादों ग्रोमोर नैनो डीएपी और ग्रोमोर ग्रो प्लस यूरिया सुपर फॉस्फेट के संबंध में किसान बैठक आयोजित की गई,  जिसमें कंपनी के डिप्टी जनरल मैनेजर (नैनो बिजनेस डेवलपमेंट) श्री प्रेम प्रकाश शर्मा और डिवीजनल एग्रोनॉमिस्ट श्री अमित मिश्रा सहित करीब 230 किसान शामिल हुए।

श्री शर्मा ने नैनो टेक्नोलॉजी वाले उत्पाद ग्रोमोर नैनो डीएपी के लाभ गिनाते हुए कहा कि यह फसलों की उपज और गुणवत्ता मानकों में सुधार करता है। इसमें मौजूद फास्फोरस पौधों को महत्वपूर्ण अवस्था में उसकी ज़रूरत को पूरा करता है। यही नहीं यह पौधों की आंतरिक प्रणाली में नाइट्रोजन और फास्फोरस का तेज़ी से अवशोषण की प्रक्रिया को भी बढ़ाता है। नैनो डीएपी में परंपरागत डीएपी की आधे से एक बैग को प्रतिस्थापित करने की क्षमता है। पर्यावरण हितैषी यह उत्पाद मिट्टी के स्वास्थ्य में भी सुधार करता है। सबसे अच्छी बात इसे संभालना और कहीं भी ले जाना बहुत आसान है। इसकी 1 लीटर /एकड़ की मात्रा प्रत्येक 500 मि ली के दो छिड़काव का प्रयोग करना चाहिए पहला बुवाई / रोपाई के 25 -30  दिन बाद और दूसरा फूल खिलने से पहले की अवस्था में करना चाहिए।

श्री मिश्रा ने ग्रोमोर ग्रो प्लस के बारे में कहा कि यह पांच अमूल्य पोषक तत्वों का मिश्रण है, जिसमें सल्फर 11 %,फास्फोरस 16 %, कैल्शियम 19 %, बोरान 0. 2 % और ज़िंक 0. 5 % होता है। यह सभी फसलों के लिए उपयुक्त है। आधुनिक तकनीकी के कारण यह फसल को फास्फोरस तो उपलब्ध कराता ही है, अन्य द्वितीयक पोषक तत्वों की भी पूर्ति करता है। यह जड़ तंत्र में पोषक तत्वों की उपलब्धता  बढ़ाता है। इससे मिट्टी की गुणवत्ता और पी एच में सुधार आता है। इसे अन्य उर्वरकों के साथ संयोजन में आसानी से उपयोग किया जा सकता है। यह सस्ता और अधिक समय तक संग्रहित किया जाने वाला उत्पाद है। यह मिट्टी को सोना और फसल को बेमिसाल बनाता है। बैठक में  विक्रेता श्री सुभाष पाटीदार ने इन दोनों उत्पादों के बारे में अपने अनुभव साझा किए।इस दौरान किसानों की जिज्ञासाओं का भी समाधान किया गया।

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