राज्य कृषि समाचार (State News)

हल्दी और अदरक उगाने वाले किसानों के लिए खुशखबरी, सरकार दे रही 49,800 रुपये तक का अनुदान  

19 जून 2026, रायपुर: हल्दी और अदरक उगाने वाले किसानों के लिए खुशखबरी, सरकार दे रही 49,800 रुपये तक का अनुदान – किसानों की आय बढ़ाने और कृषि में विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उद्यानिकी विभाग बालोद ने खरीफ वर्ष 2026-27 के लिए मसाला फसलों के क्षेत्र विस्तार की विशेष योजना शुरू की है। राज्यपोषित मसाला क्षेत्र विस्तार योजना के तहत हल्दी और अदरक की खेती करने वाले किसानों को आकर्षक अनुदान दिया जाएगा। योजना का लाभ निर्धारित लक्ष्य और उपलब्ध बजट के अनुसार ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर प्रदान किया जाएगा।

जिले में मसाला फसलों के रकबे को बढ़ाने का लक्ष्य

रायपुर उद्यानिकी विभाग के अनुसार जिले में मसाला फसलों के उत्पादन और क्षेत्र विस्तार को बढ़ावा देने के लिए इस वर्ष विशेष लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। विभाग ने हल्दी की खेती के लिए 50 हेक्टेयर तथा अदरक की खेती के लिए 33 हेक्टेयर क्षेत्र विस्तार का लक्ष्य रखा है। मसाला फसलों की बढ़ती मांग और बेहतर बाजार मूल्य को देखते हुए किसानों को इन फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

प्रमाणित बीजों के उपयोग पर मिलेगा अनुदान

योजना का लाभ केवल उन किसानों को मिलेगा जो प्रमाणित एवं आधार बीजों का उपयोग करेंगे। उद्यानिकी विभाग का कहना है कि गुणवत्तायुक्त बीजों के उपयोग से उत्पादन और फसल की गुणवत्ता में सुधार होता है, जिससे किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त होता है।

योजना के तहत हल्दी की खेती करने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 25 क्विंटल बीज उपयोग करने पर अधिकतम 47 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। वहीं अदरक की खेती में प्रति हेक्टेयर 15 क्विंटल बीज लगाने वाले किसानों को 49 हजार 800 रुपये तक की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। यह अनुदान किसानों की शुरुआती लागत को कम करने और मसाला फसलों की खेती को बढ़ावा देने में मददगार साबित होगा।

मसाला फसलें बन रही हैं मुनाफे का बेहतर विकल्प

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार हल्दी और अदरक ऐसी नकदी फसलें हैं जिनकी मांग पूरे वर्ष बनी रहती है। खाद्य प्रसंस्करण, मसाला उद्योग और औषधीय उत्पादों में इनका व्यापक उपयोग किया जाता है। यही वजह है कि किसान पारंपरिक फसलों के साथ-साथ अब मसाला फसलों की ओर भी तेजी से रुख कर रहे हैं।

इन फसलों से किसानों को बेहतर बाजार मूल्य मिलने की संभावना रहती है। साथ ही प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के जरिए अतिरिक्त आय के अवसर भी उपलब्ध होते हैं। ऐसे में हल्दी और अदरक की खेती किसानों की आमदनी बढ़ाने का एक प्रभावी माध्यम बन सकती है।

आवेदन के लिए किसानों को करना होगा संपर्क

योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान अपने नजदीकी शासकीय उद्यान रोपणी, विकासखंड स्तरीय उद्यानिकी कार्यालय या उद्यानिकी विभाग के तकनीकी सहायकों से संपर्क कर सकते हैं। विभाग द्वारा किसानों को आवेदन प्रक्रिया के साथ-साथ खेती संबंधी तकनीकी मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा।

अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे समय रहते आवेदन करें, क्योंकि योजना का लाभ निर्धारित लक्ष्य के अनुसार सीमित संख्या में किसानों को ही दिया जाएगा। पहले आवेदन करने वाले पात्र किसानों को प्राथमिकता मिलेगी।

किसानों की आय बढ़ाने में मिलेगी मदद

उद्यानिकी विभाग का मानना है कि इस योजना से जिले में मसाला फसलों का रकबा बढ़ेगा और किसानों को पारंपरिक खेती के साथ लाभकारी फसलों को अपनाने का अवसर मिलेगा। हल्दी और अदरक जैसी उच्च मूल्य वाली फसलें किसानों की आय में वृद्धि करने के साथ कृषि आधारित आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति देंगी।

विभाग के अनुसार यह योजना कृषि विविधीकरण, उत्पादन वृद्धि और किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। किसानों को सलाह दी गई है कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर समय पर आवेदन करें और मसाला फसलों की खेती से अतिरिक्त आय अर्जित करें।

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