श्री गणेश फास्फेट के संचालक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज़
25 मीट्रिक टन उर्वरक का स्टॉक जांच के दायरे में, अमानक पाए जाने पर होगी कठोर कार्रवाई
10 अगस्त 2026, इंदौर: श्री गणेश फास्फेट के संचालक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज़ – किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप उर्वरक उपलब्ध कराने तथा अमानक उर्वरक के निर्माण एवं विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से कलेक्टर श्री ऋतुराज के मार्गदर्शन में जिले में उर्वरक निर्माताओं, विक्रेताओं एवं भंडारण स्थलों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है।

इसी क्रम में गत 8 अगस्त को जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा श्री गणेश फास्फेट प्रा लि , इंडस्ट्रियल एरिया नंबर 1 ,एबी रोड़, देवास का संयुक्त रूप से निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान परिसर में एनपीके 12 :32 :06 , ग्रेन्यूलेटेड मिक्सचर फर्टिलाइज़र लॉट नंबर एसजी -003 , निर्माण तिथि जुलाई 26 की 50 मीट्रिक टन मात्रा , जिसमें से 25 टन बेच दिया गया, जिसके 11.250 मीट्रिक टन के बिल पेश किए गए ,जो कि बिना प्रयोगशाला विश्लेषण के बेचा जाना पाया गया। मौके पर 500 बैग , 50 किग्रा की पैकिंग में ( करीब 25 मी. टन ) उर्वरक पाया गया। निरीक्षण के दौरान संचालक द्वारा उर्वरक बनाने में ज़रूरी कच्चे माल हेतु नत्रजन एवं पोटाश की पूर्ति के लिए खरीदे गए उत्पाद के बिल मौके पर उपलब्ध नहीं कराए गए। इस संबंध में आवश्यक अभिलेख एवं अनुमति एवं वैधानिक अनुपालन की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। मौके पर निर्मित पैक एवं पैकेट आदि में सामग्री भंडारित पाई गई। नियमानुसार परीक्षण के लिए एक नमूना लिया गया तथा उसे परीक्षण हेतु भेजे जाने की कार्रवाई की गई। वर्तमान में प्रयोगशाला स्थापित होना नहीं पाया गया। भंडारित 25 मी टन उर्वरक के परिवहन एवं एवं विक्रय को प्रतिबंधित कर उसको दिनेश कुमावत की सुपुर्दगी में दिया गया। प्रथम दृष्टया उर्वरक के निर्माण एवं विक्रय में संबंधित वैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन होता प्रतीत हुआ। एफआईआर दर्ज़ करने में संभागीय उड़न दस्ता दल सहायक संचालक कृषि श्री पिंटू जामोद एवं जिला उड़न दस्ता दल में सहायक संचालक कृषि लोकेश गंगराड़े, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी राहुल जायसवाल , दिनेश परमार एवं जीवन बड़े शामिल थे।
इस संबंध में औद्योगिक क्षेत्र थाना, देवास में श्री गणेश फॉस्फेट प्रा लि, देवास के संचालक दिनेश कुमावत एवं क्वालिटी कंट्रोलर महेश कुमार के विरुद्ध श्री राहुल कुमार जायसवाल , वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी ,विकास खंड , देवास द्वारा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 एवं 7 तथा उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की धारा 19 एवं 35 के तहत एफआईआर दर्ज़ कराई गई है।
उपसंचालक कृषि श्री जीएस मोहनिया की किसानों से अपील – जिले के सभी किसानों से अपील की जाती है कि वे उर्वरक केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही खरीदें तथा प्रत्येक खरीद की पक्की रसीद/बिल अवश्य प्राप्त करें। उर्वरक खरीदते समय किसान निम्न बातों की जाँच अवश्य करें , उर्वरक की बोरी पर निर्माता/फर्म का नाम। लॉट नंबर एवं निर्माण तिथि। उर्वरक में उपलब्ध पोषक तत्वों का विवरण। निर्धारित मूल्य एवं विक्रय दर। विक्रेता से प्राप्त बिल/रसीद। यदि किसी किसान को उर्वरक की गुणवत्ता पर संदेह हो अथवा बिना बिल उर्वरक देने, निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने या अन्य किसी प्रकार की अनियमितता की जानकारी मिले, तो तत्काल संबंधित कृषि विभाग के अधिकारी को सूचना दें।
कृषि विभाग ने कहा है कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। अमानक उर्वरक के निर्माण एवं विक्रय में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों/फर्मों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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