भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) का 98वाँ स्थापना दिवस
पटना परिसर में “कृषि में सूखाड़ प्रबंधन” पर कृषक–वैज्ञानिक संवाद का आयोजन
17 जुलाई 2026, पटना : भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) का 98वाँ स्थापना दिवस – भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के 98वें स्थापना दिवस के अवसर परिषद के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में 16 जुलाई, 2026 को “कृषि में सूखाड़ प्रबंधन” विषय पर कृषक–वैज्ञानिक संवाद का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बिहार कृषि प्रबंधन एवं प्रसार प्रशिक्षण संस्थान (बामेती), बिहार सरकार के निदेशक डॉ. पी. के. मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के तकनीकी सत्र में वैज्ञानिकों ने एल नीनो एवं उसके मौसम तथा कृषि पर प्रभाव, वर्षा जल संचयन तथा सूखाड़ के प्रभावी प्रबंधन हेतु कृषि संबंधी उपायों पर व्याख्यान दिए। कृषक–वैज्ञानिक संवाद के दौरान किसानों ने खेतों में आने वाली विभिन्न समस्याओं को वैज्ञानिकों के समक्ष रखा, जिनके समाधान के लिए वैज्ञानिकों ने सूखा-सहिष्णु फसल किस्मों, धान की सीधी बुआई, फसल विविधीकरण तथा वर्षा जल के कुशल प्रबंधन संबंधी व्यावहारिक सुझाव दिए, ताकि सूखे के दुष्प्रभावों को कम किया जा सके।
डॉ. पी. के. मिश्रा ने पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। संस्था के निदेशक डॉ. अनुप दास ने सभी हितधारकों से सतत् कृषि को बढ़ावा देने तथा विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए आह्वान किया। प्रतिभागियों ने संस्थान की समेकित कृषि प्रणाली मॉडल, 250 वर्गमीटर एवं 125 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाले माइक्रो एवं नैनो होमस्टेड कृषि मॉडल, हरित खाद बीज उत्पादन इकाइयों तथा जलवायु-अनुकूल कृषि प्रौद्योगिकियों के विभिन्न प्रदर्शन क्षेत्रों का अवलोकन किया। कार्यक्रम में लगभग 120 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें 50 स्कूली विद्यार्थी भी शामिल थे। संस्थान के मीडिया सदस्य सचिव श्री उमेश कुमार मिश्र ने बताया कि इस अवसर पर कृषि प्रणाली का पहाड़ी एवं पठारी अनुसंधान केंद्र ,रांची; कृषि विज्ञान केंद्र, रामगढ़ (झारखंड) तथा कृषि विज्ञान केंद्र, बक्सर (बिहार) में भी इसी प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में भाग लेने वाले किसानों को आम के पौधे एवं सब्जियों के बीज वितरित किए गए, ताकि वृक्षारोपण को प्रोत्साहन मिले तथा सतत् कृषि को बढ़ावा दिया जा सके।
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