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राज्य कृषि समाचार (State News)

किसानों को गुलाबी इल्ली को गंभीरता से लेने की जरूरत – डॉ.भागीरथ चौधरी

28 अगस्त 2023, जलगांव: किसानों को गुलाबी इल्ली को गंभीरता से लेने की जरूरत – डॉ.भागीरथ चौधरी – “कपास की फसल में गुलाबी इल्ली का प्रकोप देखा जा रहा है, किसान इसके प्रति सतर्क नहीं हैं, किसानों को इसके प्रति सचेत रहना चाहिए, इससे पैदावार कम होगी और कपास की गुणवत्ता अच्छी नहीं होगी, इसलिए किसानों को गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। ” यह बात निदेशक श्री भागीरथ चौधरी ने साउथ एशिया बायोटेक्नोलॉजी सेंटर जोधपुर एवं जैन इरिगेशन सिस्टम्स लि की ओर से पलासखेड़े (मिराचे) तहसील जामनेर के श्री दिनेश पाटिल के कपास फार्म में आयोजित ‘कपास की फसल पर गुलाबी बॉलवर्म के बारे में जागरूकता एवं प्रबंधन’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में किसानों को संबोधित किया।

उल्लेखनीय है कि अपने बंधन प्रोजेक्ट में, उनके संगठन ने 12 कपास किसानों के एक समूह को कपास की फसल में गुलाबी बॉलवर्म के प्रबंधन के लिए 60 एकड़ कपास क्षेत्र के लिए जापानी तकनीक पीबी नॉट्स और कामगंड जाल का मुफ्त उपयोग प्रदान किया। राज्य में कपास एक महत्वपूर्ण नकदी फसल है और कपास की उत्पादकता बहुत कम है। कपास की फसल अब फूल आने की अवस्था में है। कपास की फसल में कुछ स्थानों पर गुलाबी इल्ली का प्रकोप देखा गया है तथा कहीं भी कपास की फसल में गंध जाल का प्रयोग नहीं किया गया है। राज्य में 2014 से पिंक बॉलवर्म का प्रकोप पाया गया है। कपास की फसल को आर्थिक हानि से बचाने के लिए कपास बोने वाले प्रत्येक किसान को फसल में गुलाबी बॉलवर्म प्रबंधन का ध्यान रखना चाहिए तथा गुलाब की कलियों जैसी कलियों को नष्ट करना चाहिए, प्रति एकड़ 5 गंध जाल लगाना चाहिए, निम्बोली अर्क का छिड़काव करना चाहिए। जैन इरिगेशन सिस्टम्स लि का मानना है कि अंडे को मारने वाले कीटनाशक का छिड़काव करना चाहिए। कंपनी के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक एवं कृषि, विस्तार एवं प्रशिक्षण विभाग के प्रमुख डाॅ. बी डी जेड ने मार्गदर्शन प्रस्तुत किया।

एसएबीसी वैज्ञानिक डॉ. दीपक जाखड़ ने कपास की फसल में पीबी नॉट्स के उपयोग और गंध जाल लगाने के तरीके का प्रदर्शन किया। जैन इरिगेशन कंपनी के सामाजिक कार्यों की काफी सराहना की जाती है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जलगांव जिला कृषि विभाग आत्मा के परियोजना निदेशक रविशंकर चालवड़े ने कहा कि जैन इरिगेशन किसानों के लिए नई तकनीक लाने का बहुत अच्छा काम कर रही है, जिसे देखते हुए यह कंपनी, जो ड्रिप सिंचाई का काम करती है, कपास की फसल में गुलाबी बॉलवर्म की समस्या से कपास किसानों की मदद करना है । उन्होंने किसानों को कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी।

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इस गतिविधि में किसान श्री दिनेश पाटिल, श्री भगवान राजपूत, श्री संजय पाटिल, श्री देवानंद पाटिल, श्री जगन गायके, श्री प्रभाकर पाटिल, श्री बलिराम माली, श्री गोपाल राजपूत, श्री दिवाकर पाटिल, श्री नाना शिंदे, श्री प्रमोद पाटिल को सम्मानित किया गया। जैन इरिगेशन सिस्टम्स लिमिटेड कंपनी के डिविजनल मैनेजर डी. एम. बरहेट, श्री मनोज पाटिल, श्री तुषार पाटिल, जैन ठिबक वितरक श्री अजय पाटिल, श्री सुशांत चतुर (नेरी), श्री पी. के. पाटिल (जलके) के साथ-साथ क्षेत्र के कपास किसान उपस्थित थे।श्री दिनेश पाटिल ने आभार व्यक्त किया।

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