राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्य प्रदेश में डिजिटल कृषि सलाह एवं जलवायु-स्मार्ट कृषि को बढ़ावा देने पर विशेषज्ञों का मंथन

भोपाल में द्वितीय हितधारक परामर्श कार्यशाला आयोजित

06 सितंबर 2026, भोपालमध्य प्रदेश में डिजिटल कृषि सलाह एवं जलवायु-स्मार्ट कृषि को बढ़ावा देने पर विशेषज्ञों का मंथन –  मध्य प्रदेश में किसानों को मौसम एवं जलवायु संबंधी विश्वसनीय, समयबद्ध और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कृषि सलाह उपलब्ध कराने तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से कृषि को अधिक सक्षम बनाने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय शुष्क क्षेत्र कृषि अनुसंधान केंद्र (ICARDA) एवं भरतखंड कंसोर्टियम द्वारा सॉलिडेरिडाड के सहयोग से मध्यप्रदेश में डिजिटल कृषि सलाह सेवाओं और जलवायु-स्मार्ट कृषि का विस्तार विषय पर  गत दिनों भोपाल में द्वितीय हितधारक परामर्श कार्यशाला आयोजित की गई जिसमें  विभिन्न हितधारकों ने आपसी समन्वय और सामूहिक प्रयासों को मजबूत करने पर जोर दिया।

कार्यशाला में डॉ. विनय नांगिया, प्रमुख–मृदा, जल एवं कृषि विज्ञान अनुसंधान दल, (ICARDA), मोरक्को, डॉ. डी. एल. कोरी, संचालक, राज्य कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण संस्थान , डॉ. राजेश सक्सेना, पूर्व वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक, मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (एमपीसीएसटी), श्री जितेंद्र सिंह परिहार, संयुक्त संचालक कृषि, प्राकृतिक खेती, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, मध्य प्रदेश शासन , डॉ. मनोज कुमार जैन, वरिष्ठ सलाहकार एवं प्रमुख, जैव-अर्थव्यवस्था उत्कृष्टता प्रकोष्ठ , अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान तथा श्री जी. एस. सोलंकी, सहायक संचालक कृषि, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, मध्य प्रदेश शासन , भरतखंड कंसोर्टियम एवं सॉलिडेरिडाड की ओर से श्री हिमांशु बैस, श्री अनिल खरे, सुश्री नम्रता भंवरिया एवं डॉ. रीना मेहरा सहित विभिन्न विभागों एवं संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

मध्य प्रदेश देश की खाद्य एवं पोषण सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देता है। विशेष रूप से तिलहन, दलहन और वर्षा आधारित कृषि में राज्य की महत्वपूर्ण भूमिका है। हालांकि, बदलते मौसम, बढ़ती जलवायु परिवर्तनशीलता, प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ता दबाव तथा बाजार की अनिश्चितता के कारण छोटे और सीमांत किसानों के सामने अनेक नई चुनौतियां उत्पन्न हो रही हैं।

मध्य प्रदेश में कृषि का बड़ा हिस्सा वर्षा आधारित है और राज्य के किसानों की आजीविका मौसम, जल उपलब्धता, मृदा स्वास्थ्य तथा बाजार की परिस्थितियों से सीधे प्रभावित होती है। ऐसे में मौसम एवं जलवायु में बढ़ती अनिश्चितता के बीच किसानों को सही समय पर स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप विश्वसनीय जानकारी और कृषि सलाह उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक हो गया है। डिजिटल कृषि के माध्यम से मौसम पूर्वानुमान, मृदा एवं फसल संबंधी जानकारी, कीट एवं रोग की पहचान, सिंचाई प्रबंधन, बाजार सूचना तथा फसल प्रबंधन संबंधी सलाह को किसानों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जा सकता है। विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों के लिए सरल, स्थानीय भाषा में और खेत स्तर पर उपयोगी डिजिटल सेवाएं कृषि जोखिम को कम करने, उत्पादकता एवं आय बढ़ाने तथा जलवायु परिवर्तन के प्रति कृषि तंत्र की क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इसलिए मध्य प्रदेश में विभिन्न डिजिटल पहलों, कृषि विस्तार तंत्र, अनुसंधान संस्थानों और किसान उत्पादक संगठनों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए एक समावेशी एवं किसान-केंद्रित डिजिटल कृषि व्यवस्था
विकसित करने की आवश्यकता है।

कार्यशाला में विशेषज्ञों ने कहा कि किसानों को सही समय पर मौसम एवं जलवायु संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के साथ-साथ उसे सरल, स्थानीय और खेत स्तर पर उपयोगी कृषि सलाह में परिवर्तित करना आवश्यक है। इसके लिए मौसम सूचना, पूर्व चेतावनी प्रणाली, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, दूरसंवेदी तकनीक, भौगोलिक सूचना प्रणाली, सेंसर आधारित तकनीक तथा निर्णय सहयोगी प्रणालियों का प्रभावी उपयोग किया जा सकता है। वक्ताओं ने यह भी रेखांकित किया कि मध्य प्रदेश में डिजिटल कृषि और जलवायु-स्मार्ट कृषि से जुड़ी अनेक पहलें संचालित हैं, लेकिन विभिन्न पहलों के बीच बेहतर समन्वय, आंकड़ों का साझा उपयोग, संस्थागत सहयोग और किसानों तक अंतिम स्तर तक पहुंच को और मजबूत करने की आवश्यकता है। विभिन्न संस्थाओं के प्रयासों को एक साझा व्यवस्था से जोड़कर अधिक प्रभावी और टिकाऊ परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।

यह कार्यशाला पांच कार्यशालाओं की श्रृंखला का हिस्सा है। इस श्रृंखला का उद्देश्य मध्य प्रदेश में डिजिटल कृषि सलाह सेवाओं तथा जलवायु-स्मार्ट कृषि के विस्तार के लिए राज्य-उन्मुख कार्ययोजना  तैयार करना है। इस श्रृंखला की पहली हितधारक परामर्श कार्यशाला 30 जनवरी 2026 को आयोजित की गई थी। पहली कार्यशाला में यह सहमति बनी थी कि कृषि क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन को सहयोगात्मक, विश्वसनीय और संस्थागत रूप से सुदृढ़ बनाया जाना आवश्यक है। द्वितीय कार्यशाला में इस सहमति को आगे बढ़ाते हुए विभिन्न संस्थाओं के बीच समन्वय तथा सामूहिक कार्रवाई के लिए व्यावहारिक उपायों पर चर्चा की गई।

कार्यशाला में  जिन प्रमुख विषयों पर चर्चा की गई उनमें  किसानों की आवश्यकताओं और राज्य की प्राथमिकताओं के अनुरूप डिजिटल एवं जलवायु अनुकूलन के लिए प्राथमिक कार्यो की पहचान; मौसम एवं जलवायु आधारित कृषि सलाह, पूर्व चेतावनी प्रणाली, AI , रिमोट सेंसिंग , सेंसर आधारित तकनीक तथा निर्णय सहयोगी प्रणालियों के एकीकरण और विस्तार की संभावनाएं; डिजिटल कृषि प्रसार, ज्ञान के आदान-प्रदान तथा मौसम एवं जलवायु सूचना प्रणालियों को मजबूत करना;  विभिन्न विभागों, संस्थानों और वर्तमान डिजिटल पहलों के बीच समन्वय और एकीकरण की संभावनाओं की पहचान;  मध्य प्रदेश के लिए जलवायु कार्य ढांचे तथा पायलट कार्यान्वयन की कार्य योजना तैयार करने हेतु आवश्यक सुझावों और  उपायों की पहचान करना  शामिल  हैं।

कार्यशाला में विभिन्न सामाजिक संगठनों, किसान उत्पादक संगठनों तथा किसानों के प्रतिनिधियों ने भी अपने अनुभव और सुझाव साझा किए।भरतखंड कंसोर्टियम किसान उत्पादक संगठनों, किसानों तथा विभिन्न हितधारकों को एकजुट कर टिकाऊ एवं पुनर्योजी कृषि को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक प्रयासों को मजबूत कर रहा है। प्रतिभागियों ने इस बात पर जोर दिया कि डिजिटल जलवायु कृषि सलाह को केवल तकनीकी समाधान के रूप में नहीं, बल्कि किसानों, किसान उत्पादक संगठनों, कृषि विस्तार तंत्र, अनुसंधान संस्थानों, सरकार और निजी क्षेत्र के बीच समन्वित व्यवस्था के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। कार्यशाला से प्राप्त सुझावों और सहमति को आगामी कार्यशालाओं में आगे बढ़ाते हुए   कार्ययोजना तैयार करने तथा उसके सत्यापन एवं परिष्करण की दिशा में कार्य किया जाएगा। इस पहल का व्यापक उद्देश्य मध्य प्रदेश में वर्तमान डिजिटल पहलों को आपस में जोड़ते हुए किसानों के लिए विश्वसनीय, स्थानीय, समयबद्ध और खेत स्तर पर उपयोगी जलवायु आधारित कृषि सलाह  की प्रभावी व्यवस्था विकसित करना तथा राज्य के कृषि एवं खाद्य तंत्र को अधिक जलवायु-सक्षम, टिकाऊ और तकनीकी रूप से सुदृढ़  बनाना है।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture