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यूपीएल ने वर्ल्ड वेट्लेंड्स डे पर तीसरे सारस क्रेन महोत्सव का आयोजन किया

04 फ़रवरी 2025, नई दिल्ली: यूपीएल ने वर्ल्ड वेट्लेंड्स डे पर तीसरे सारस क्रेन महोत्सव का आयोजन किया – गुजरात में सारस क्रेन की संख्या में लगभग तीन गुना वृद्धि हुई है, जो 2015-16 में 500 से बढ़कर 2023-24 में 1,431 हो गई है। यह वृद्धि यूपीएल, वन विभाग और स्थानीय समुदायों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है।

यूपीएल लिमिटेड ने वर्ल्ड वेट्लेंड्स डे के अवसर पर खेड़ा जिले की पारीज आर्द्रभूमि में तीसरे सारस क्रेन महोत्सव का आयोजन किया। इस महोत्सव का उद्देश्य आर्द्रभूमियों के महत्व को समझाना और सारस क्रेन के संरक्षण में समुदाय की भूमिका को बढ़ावा देना था।

आयोजन में श्री अमित प्रकाश यादव, आईएएस, कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट, खेड़ा; श्री कल्पेशभाई परमार, विधायक, मातर विधानसभा क्षेत्र; श्री अभिषेक समरिया, डीसीएफ, सोशल फॉरेस्ट्री डिविजन – नडियाद; डॉ. जतिंदर कौर, कार्यक्रम प्रबंधक – यूपीएल सारस संरक्षण, सुश्री एलेना इलियाशेंको, निदेशक और वैज्ञानिक, क्रेन वर्किंग ग्रुप, अकैडमी ऑफ साइन्स, रूस; सेवानिवृत्त फॉरेस्ट एसीएफ श्री दिलीप सिंह दभी; सुश्री नादेज़्दा डोरोफीवा, वन्यजीव फोटोग्राफर, रूस सहित यूपीएल लिमिटेड के अन्य प्रतिनिधि और  स्कूलों व कॉलेजों के उत्साही प्रतिभागी उपस्थित रहे।

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यूपीएल लिमिटेड के सीएसआर वाइस प्रेसिडेंट ऋषि पठानिया ने कहा, ‘संरक्षण हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। सारस क्रेन फेस्टिवल के जरिए हम स्थानीय समुदायों, खासकर युवाओं को इन सुंदर पक्षियों और उनके आवास की सुरक्षा के लिए प्रेरित कर रहे हैं।’ उन्होंने आगे बताया, ‘सारस संरक्षण कार्यक्रम के तहत 40 गांवों के 90 स्वयंसेवकों का एक मजबूत नेटवर्क बनाया गया है, जो घोंसलों, अंडों और नवजात सारसों को शिकार और अन्य खतरों से बचाने का काम कर रहे हैं।

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महोत्सव में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें पक्षी अवलोकन, तितली पहचान, फोटो प्रदर्शनी और पोस्टर निर्माण प्रतियोगिताएं शामिल थीं। इसके अलावा, विशेषज्ञों ने छात्रों और स्वयंसेवकों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया, जिससे वे यह समझ सकें कि देशी पौधे पक्षियों, तितलियों और मधुमक्खियों को आकर्षित करने में कैसे मदद करते हैं और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में उनकी क्या भूमिका होती है।

सारस संरक्षण प्रयासों के सकारात्मक प्रभाव के साथ-साथ यूपीएल को इस पहल के लिए व्यापक सराहना मिली है। इसे कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया है, जिनमें एसीईएफ एशियन लीडर्स फोरम एंड अवॉर्ड्स , इंडिया सीएसआर लीडरशिप समिट , कॉफी फॉर कॉज: कन्वर्सेशन ऑन सस्टेनेबिलिटी एंड सीएसआर , आदि शामिल हैं।

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