राज्य कृषि समाचार (State News)

बोनी से 15 दिन पहले करें ये काम, सोयाबीन, चना और मिर्ची को मृदा जनित रोगों से बचाने में मिलेगी मदद  

02 सितंबर 2026, हरदा: बोनी से 15 दिन पहले करें ये काम, सोयाबीन, चना और मिर्ची को मृदा जनित रोगों से बचाने में मिलेगी मदद – कृषि विज्ञान केंद्र हरदा के वैज्ञानिकों ने किसानों को आगामी फसल में मृदा जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए ट्राइकोडर्मा और स्यूडोमोनास के उपयोग की सलाह दी है। वैज्ञानिकों ने बताया कि ट्राइकोडर्मा और स्यूडोमोनास को गोबर की खाद में 2-3 लीटर मिलाकर बोनी से 15 दिन पहले नमी की स्थिति में छायादार स्थान पर रखना चाहिए। बोनी के समय इसे मृदा में मिला दें। यह मिर्ची, सोयाबीन, चना और मूंग में आने वाली बीमारी के प्रबंधन में सहायक होता है। इसका उपयोग मिर्ची, बैंगन, टमाटर और अन्य सब्जियों के पौधों तथा मृदा दोनों के लिए किया जा सकता है।

पौध उपचार के लिए ऐसे करें उपयोग

कृषि विज्ञान केंद्र हरदा की प्रमुख डॉ. संध्या मुरे ने बताया कि पौध उपचार के लिए 10 मिलीलीटर प्रति लीटर ट्राइकोडर्मा का घोल तैयार करें। पौधों की जड़ों को 20-25 मिनट तक इस घोल में डुबोने के बाद रोपित करें। नर्सरी तैयार करते समय ट्रे में भी ट्राइकोडर्मा का उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए 10 ग्राम प्रति लीटर पानी के घोल में मिलाकर नए पौधों को सुरक्षा दी जा सकती है।

कृषि विज्ञान केंद्र में उपलब्ध है ट्राइकोडर्मा

कृषि विज्ञान केंद्र हरदा में ट्राइकोडर्मा विक्रय के लिए उपलब्ध है। किसानों के लिए इसकी दर 294 रुपये प्रति लीटर रखी गई है।

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