मध्यप्रदेश में खरीफ 2026 के लिए फसल बीमा अधिसूचना जारी
11 क्लस्टरों में जिलों का आवंटन
17 जुलाई 2026, इंदौर: मध्यप्रदेश में खरीफ 2026 के लिए फसल बीमा अधिसूचना जारी – मध्य प्रदेश शासन के किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग ने 30 जून 2026 के राजपत्र में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत खरीफ 2026 एवं रबी 2026-27 के क्रियान्वयन की अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना में जिलों का क्लस्टरवार विभाजन, बीमा कंपनियों का चयन, प्रीमियम, दावा निपटान, शिकायत निवारण व्यवस्था तथा किसानों के लिए महत्वपूर्ण समय-सीमा निर्धारित की गई है।
किसानों के लिए क्या हैं प्रमुख प्रावधान ? – अधिसूचना के अनुसार ऋणी किसान योजना में शामिल रहेंगे, जबकि गैर-ऋणी किसान निर्धारित अंतिम तिथि तक स्वैच्छिक रूप से बीमा करा सकेंगे। खरीफ 2026 के लिए किसान 1 अप्रैल से 31 जुलाई 2026 तक बीमा करा सकते हैं। ऋणी किसान अंतिम तिथि से सात दिन पूर्व तक योजना से बाहर होने का विकल्प भी चुन सकेंगे।
सरकार ने खरीफ मौसम के लिए अनाज एवं दलहन फसलों पर 2 प्रतिशत तथा कपास पर 5 प्रतिशत किसान प्रीमियम निर्धारित किया है। शेष प्रीमियम का वहन केंद्र एवं राज्य सरकार करेंगी। अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि बीमा राशि का प्रीमियम सीधे किसान के खाते से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार काटा जाएगा।
प्राकृतिक आपदाओं से मिलेगा संरक्षण- योजना के अंतर्गत सूखा, अल्पवृष्टि, अतिवृष्टि, बाढ़, जलभराव, भूस्खलन, चक्रवात, ओलावृष्टि, आकाशीय बिजली, प्राकृतिक आग सहित विभिन्न प्राकृतिक जोखिमों से फसल क्षति को कवर किया गया है। कटाई के बाद खेत में रखी उपज को भी निर्धारित अवधि तक संरक्षण मिलेगा। अंतिम उपज का आकलन रिमोट सेंसिंग और स्मार्ट कटिंग प्रयोगों के आधार पर किया जाएगा।
शिकायतों के लिए दो स्तरीय व्यवस्था– अधिसूचना में जिला स्तरीय शिकायत निवारण समिति (DGRC) तथा राज्य स्तरीय शिकायत निवारण समिति (SGRC) का गठन भी किया गया है। जिला समिति को 15 दिनों के भीतर शिकायतों का निराकरण करना होगा। यदि शिकायत का समाधान नहीं होता है तो मामला राज्य स्तरीय समिति को भेजा जाएगा।
क्लस्टरवार जिले एवं बीमा कंपनियां-
क्लस्टर-1: उज्जैन – इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड
क्लस्टर-2: मंदसौर, नीमच, रतलाम – एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड
क्लस्टर-3: देवास, इंदौर – एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड
क्लस्टर-4: आगर मालवा, शाजापुर – एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड
क्लस्टर-5: भोपाल, सीहोर – एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड
क्लस्टर-6: रायसेन, विदिशा – एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड
क्लस्टर-7: अलीराजपुर, बड़वानी, बुरहानपुर, धार, झाबुआ, खंडवा एवं खरगोन – एचडीएफसी एर्गो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड
क्लस्टर-8: अशोकनगर, भिंड, दतिया, गुना, मुरैना, निवाड़ी, राजगढ़, शिवपुरी एवं श्योपुर – एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड
क्लस्टर-9: अनूपपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडोरी, जबलपुर, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, सिवनी, शहडोल एवं उमरिया – एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड
क्लस्टर-10: बैतूल, हरदा एवं नर्मदापुरम (होशंगाबाद) – एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड
क्लस्टर-11: छतरपुर, दमोह, निवाड़ी, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सीधी, सिंगरौली एवं टीकमगढ़ – एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड
सुपर एल-नीनो की आशंका के बीच फसल बीमा का बढ़ा महत्व – मौसम वैज्ञानिकों द्वारा वर्ष 2026 में सुपर एल-नीनो जैसी परिस्थिति बनने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में मध्य प्रदेश के किसानों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का महत्व और बढ़ जाता है। एल-नीनो के प्रभाव से मानसून कमजोर पड़ने, वर्षा के असमान वितरण, लंबे शुष्क अंतराल, अत्यधिक तापमान तथा कुछ क्षेत्रों में अतिवृष्टि जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं, जिससे खरीफ फसलों, विशेषकर सोयाबीन, मक्का, धान, उड़द और अरहर के उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ने की संभावना रहती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती जलवायु और मौसम की बढ़ती अनिश्चितता के दौर में फसल बीमा केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि किसानों के लिए जोखिम प्रबंधन का महत्वपूर्ण साधन बन चुका है। प्राकृतिक आपदा या मौसम जनित नुकसान की स्थिति में बीमा किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है और अगली फसल की तैयारी के लिए सहारा देता है।
किसानों के लिए सलाह- कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें, अपने जिले के लिए अधिसूचित बीमा कंपनी की पुष्टि कर समय पर फसल बीमा कराएं तथा आवेदन और प्रीमियम से संबंधित सभी दस्तावेज सुरक्षित रखें, ताकि भविष्य में दावा प्रस्तुत करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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