राज्य कृषि समाचार (State News)सरकारी योजनाएं (Government Schemes)

मंगला पशु बीमा योजना में लापरवाही पर सख्ती, लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले अधिकारियों को चार्जशीट

24 जुलाई 2026, जयपुर: मंगला पशु बीमा योजना में लापरवाही पर सख्ती, लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले अधिकारियों को चार्जशीट – राजस्थान में पशुपालकों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना की प्रगति को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। शासन सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में पशुपालन, गोपालन एवं डेयरी मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने योजना के लक्ष्यों को पूरा करने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

मंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ पशुपालकों तक पहुंचाने में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के तहत निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए और पात्र पशुपालकों को बीमा सुरक्षा का लाभ दिलाया जाए।

लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने निर्धारित लक्ष्यों से पीछे रहने वाले जिलों के संयुक्त निदेशकों को राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमों के नियम 17 सीसी के तहत चार्जशीट जारी करने के निर्देश दिए। बीमा लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति के लिए जिलों और ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविर आयोजित करने को कहा गया है।

इन शिविरों के माध्यम से पशुपालकों को योजना की जानकारी देने के साथ ही बीमा प्रक्रिया को आसान और अधिक सुलभ बनाने पर जोर दिया जाएगा।

बीमा प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए महत्वपूर्ण बदलाव

योजना के क्रियान्वयन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।

मृत पशु के पोस्टमार्टम पर सख्ती: बीमित पशु की मृत्यु होने पर पोस्टमार्टम के दौरान संबंधित पशु चिकित्सक और बीमा सर्वेयर की भौतिक उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है।

पशु चिकित्सकों की सेवाओं को प्राथमिकता: बीमा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता रोकने के लिए पशु चिकित्सकों की सेवाओं का प्राथमिकता के आधार पर उपयोग किया जाएगा।

लंबित क्लेम का शीघ्र निपटारा: लंबित बीमा क्लेम और रुकी हुई बीमा पॉलिसियों से जुड़े कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार का उद्देश्य है कि पशुपालकों को पशुधन की क्षति की स्थिति में समय पर आर्थिक सहायता मिल सके। समीक्षा बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि योजना का लाभ पात्र पशुपालकों तक पहुंचाना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही पर जवाबदेही तय की जाएगी।

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