कृषि महोत्सव झाबुआ में CM डॉ. यादव ने ऑनलाइन किसानों से की चर्चा, बोले- खेती को लाभकारी बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध
21 जुलाई 2026, भोपाल: कृषि महोत्सव झाबुआ में CM डॉ. यादव ने ऑनलाइन किसानों से की चर्चा, बोले- खेती को लाभकारी बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को झाबुआ में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव-2026 के दौरान ऑनलाइन माध्यम से किसानों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती को लाभकारी बनाने तथा आधुनिक, वैज्ञानिक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने किसानों से नई तकनीकों को अपनाने और जल संरक्षण पर विशेष ध्यान देने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के तहत पूरे प्रदेश में बलराम कृषि महोत्सव-2026 आयोजित किया जा रहा है। इसकी शुरुआत इंदौर से हुई है। इसके बाद 21 जुलाई को अलीराजपुर, 23 जुलाई को बड़वानी, 25 जुलाई को खरगोन, 27 जुलाई को बुरहानपुर और 30 जुलाई को खंडवा में महोत्सव आयोजित होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम विभाग ने इस वर्ष सामान्य से कम बारिश होने की संभावना जताई है। ऐसे में प्रशासन को किसानों की हरसंभव मदद के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि किसानों को 3 लाख रुपये तक का कृषि ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज पर दिया जा रहा है। इसके अलावा किसानों को मात्र 5 रुपये में बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वहीं, डेयरी विकास की 40 लाख रुपये तक की परियोजनाओं पर 33 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है।
प्राकृतिक खेती और जल संरक्षण अपनाने की अपील
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से प्राकृतिक खेती, वैज्ञानिक सलाह, आधुनिक कृषि तकनीक और जल संरक्षण के उपाय अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा और कृषि विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्राकृतिक खेती के विजन को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत झाबुआ जिले में 50 कृषि सखियों का चयन किया गया है। जिले में करीब 3,125 एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खेती की जा रही है और किसानों की फसलों का प्रमाणन भी कराया जा रहा है।
कड़कनाथ, कपास और टमाटर उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘एक जिला-एक उत्पाद’ योजना के तहत झाबुआ के कड़कनाथ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वर्ष 2025 में जिले में कड़कनाथ पालन से एक हजार से अधिक नए हितग्राही जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि खरीफ 2026 में जिले में अब तक 23,230 हेक्टेयर क्षेत्र में कपास की बुवाई हो चुकी है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 16 प्रतिशत अधिक है। धार के बदनावर स्थित पीएम मित्र पार्क से कपास उत्पादक किसानों को ‘खेत से कारखाने’ तक की सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने पेटलावद में स्थापित टमाटर प्रसंस्करण इकाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि जिले में 2,812 हेक्टेयर क्षेत्र में टमाटर की खेती हो रही है और करीब 1.68 लाख मीट्रिक टन उत्पादन हो रहा है। यहां टमाटर सॉस, केचअप और डिहाइड्रेटेड टमाटर का उत्पादन किया जा रहा है। झाबुआ का टमाटर राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली सहित कई राज्यों में भेजा जा रहा है।
पशुपालन और मत्स्य पालन से बढ़ेगी किसानों की आय
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती के साथ पशुपालन किसानों की नियमित आय का मजबूत आधार बन सकता है। सरकार डेयरी, बकरी पालन, मुर्गी पालन और अन्य पशुपालन गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है। वहीं जिले में 760 से अधिक तालाब विकसित किए गए हैं, जिनमें लगभग 3,000 हेक्टेयर क्षेत्र में मत्स्य पालन किया जा रहा है।
50 हजार किसानों को मिलेगा सिंचाई परियोजना का लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना पूरी होने पर लगभग 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित होगा और करीब 50 हजार किसानों को लाभ मिलेगा। इससे जल संरक्षण, सिंचाई क्षमता और कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
13 नवंबर तक चलेंगे बलराम कृषि महोत्सव के आयोजन
बलराम कृषि महोत्सव के दौरान किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत बीज, कृषि यंत्र, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, फसल विविधीकरण, जल संरक्षण और शासन की विभिन्न किसान कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। महोत्सव में उत्कृष्ट किसानों का सम्मान, हितग्राहियों को लाभ वितरण, कृषि यंत्रों का प्रदर्शन और तकनीकी साहित्य भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
प्रदेश के सभी जिलों में 13 नवंबर तक आयोजित होने वाले इस महोत्सव में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता, कृषि अभियांत्रिकी, ऊर्जा, एमएसएमई और राजस्व सहित 16 विभाग किसानों को एक ही मंच पर विभिन्न योजनाओं और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं।
महोत्सव के 6 प्रमुख कृषि संकल्प
बलराम कृषि महोत्सव के माध्यम से किसानों को छह प्रमुख कृषि संकल्पों से जोड़ा जा रहा है। इनमें प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा, जल संरक्षण और ‘हर खेत को पानी’, कृषि यंत्रीकरण एवं आधुनिक तकनीकों का विस्तार, फसल विविधीकरण एवं मूल्य संवर्धन, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और कृषि उद्यमिता को प्रोत्साहन तथा सभी किसान कल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ किसानों तक पहुंचाना शामिल है।
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