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राज्य कृषि समाचार (State News)

ग्राम विकास चौपाल में CM भजनलाल शर्मा का किसानों से आह्वान, आधुनिक खेती और प्रोसेसिंग यूनिट अपनाकर बढ़ाएं आय

18 जुलाई 2026, जयपुर: ग्राम विकास चौपाल में CM भजनलाल शर्मा का किसानों से आह्वान, आधुनिक खेती और प्रोसेसिंग यूनिट अपनाकर बढ़ाएं आय – राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि किसान का जीवन संघर्ष, मेहनत और धैर्य का प्रतीक है। विपरीत परिस्थितियों और प्राकृतिक चुनौतियों के बावजूद किसान हर बार नई उम्मीद के साथ खेती करता है। ऐसे में किसानों को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाना ही प्रदेश और देश के समग्र विकास की आधारशिला है। उन्होंने किसानों से आधुनिक खेती, प्राकृतिक कृषि, कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग और सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाकर अपनी आय बढ़ाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री शुक्रवार को नागौर जिले के डेगाना के तिलानेश गांव में आयोजित ग्राम विकास चौपाल में किसानों, पशुपालकों और युवाओं को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में कृषि क्षेत्र में व्यापक बदलाव हुए हैं। केंद्र सरकार ने किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कई योजनाएं शुरू की हैं, जिनका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, खेती को लाभकारी बनाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी ने भी किसान हितों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी पहल ने ग्रामीण और कृषि क्षेत्र को नई दिशा दी।

आधुनिक खेती और प्रोसेसिंग यूनिट पर दिया जोर

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को आधुनिक तकनीक, वित्तीय सहायता और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध करा रही है, ताकि कृषि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी सम्मानजनक और लाभकारी व्यवसाय बन सके। उन्होंने कहा कि स्थानीय कृषि उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जा रही हैं, जिससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती के साथ आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने और मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) के जरिए आय बढ़ाने की अपील की।

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जल परियोजनाओं से मिलेगा किसानों को लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसानों को पर्याप्त पानी उपलब्ध हो जाए तो वे कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में रामजल सेतु लिंक परियोजना और यमुना जल समझौते जैसी महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इन परियोजनाओं का लाभ वर्तमान के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को भी मिलेगा और सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी।

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किसान हित में सरकार की प्रमुख योजनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसान हित में कई महत्वपूर्ण योजनाएं चला रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत केंद्र सरकार की सहायता के साथ राज्य सरकार अतिरिक्त 3,000 रुपये जोड़कर किसानों को 9,000 रुपये प्रतिवर्ष की आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। इसके अलावा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीद पर 150 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि किसानों को ब्याज मुक्त अल्पकालीन फसली ऋण, फसल बीमा योजना, बिजली बिल में राहत और सोलर पंप सेट की स्थापना पर अनुदान का लाभ भी दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के 26 जिलों में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है और जल्द ही पूरे राजस्थान में यह सुविधा शुरू कर दी जाएगी।

पशुपालकों और युवाओं के लिए भी कई योजनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि और पशुपालन किसान की आजीविका के दो मजबूत आधार हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार गोपालक क्रेडिट कार्ड ऋण योजना और मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रही है।

उन्होंने कहा कि युवाओं को सरकारी नौकरियों के साथ निजी क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। युवा नीति के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है, जबकि गांवों में स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। वहीं वरिष्ठ नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के जरिए आर्थिक संबल प्रदान किया जा रहा है।

किसानों और उद्यमियों ने साझा किए सफलता के अनुभव

ग्राम विकास चौपाल में प्रगतिशील किसानों और उद्यमियों ने सरकार की योजनाओं से मिले लाभ साझा किए। प्रगतिशील किसान अशोक जागु ने बताया कि सरकारी प्रोत्साहन से उन्होंने खारे पानी वाले क्षेत्र में अनार की खेती, ग्रीनहाउस और पशुपालन को अपनाकर सालाना 60 से 70 लाख रुपये की आय हासिल की है।

पर्यावरणविद् एवं पद्मश्री हिम्मता राम भांभू ने बताया कि उन्होंने 27 वर्ष पहले लगाए गए 14 हजार पौधों को आज बड़े वृक्षों में बदल दिया है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की सराहना की। प्रगतिशील किसान पारुल ने कहा कि सरकार के सहयोग से नागौर की अश्वगंधा को जीआई टैग मिलने से इसकी राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान बढ़ी है, जिससे किसानों की आय में भी वृद्धि हुई है। वहीं किसान मीरा ने जैविक खेती और पशुपालन के क्षेत्र में सरकार के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया।

कार्यक्रम में युवा उद्यमियों ने भी अपनी सफलता की कहानियां साझा करते हुए बताया कि सरकारी योजनाओं के तहत मिले ऋण और सहायता से उन्होंने अपने उद्योग स्थापित किए और अनेक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया। इस अवसर पर जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री मंजू बाघमार, राज्य किसान आयोग के अध्यक्ष सी.आर. चौधरी, देवनारायण बोर्ड के अध्यक्ष ओमप्रकाश भड़ाना, विधायक अजय सिंह किलक, लक्ष्मण राम कलरू, रेवंतराम डांगा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान, पशुपालक तथा ग्रामीण मौजूद रहे।

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