Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

ग्लोबल एनर्जी मीट में छत्तीसगढ़ की भागीदारी: सौर ऊर्जा और ग्रीन प्रोजेक्ट्स पर जोर

17 सितम्बर 2024, रायपुर: ग्लोबल एनर्जी मीट में छत्तीसगढ़ की भागीदारी: सौर ऊर्जा और ग्रीन प्रोजेक्ट्स पर जोर – गांधीनगर में आयोजित चौथे ग्लोबल रिन्यूएबल एनर्जी इन्वेस्टर्स समिट एंड एक्सपो (री-इन्वेस्ट 2024) में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश की हरित ऊर्जा योजनाओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सौर ऊर्जा, हाइडल ऊर्जा, और बायोगैस जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

श्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 15 प्रतिशत बिजली का उत्पादन रिन्यूएबल ऊर्जा से हो रहा है, जिसे 2030 तक 45 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित 2030 तक 500 गीगावाट अक्षय ऊर्जा उत्पादन के लक्ष्य को छत्तीसगढ़ भी अहम योगदान देगा।

उन्होंने छत्तीसगढ़ की सौर ऊर्जा परियोजनाओं और गांवों में सौर ऊर्जा से बिजली पहुंचाने की योजनाओं पर जोर दिया। राज्य में 2,500 से अधिक सरकारी भवन, आश्रम, और स्वास्थ्य केंद्र सौर ऊर्जा से संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ में रेलवे ट्रैक के पास सोलर प्लांट स्थापित किए गए हैं, जिससे स्थानीय ट्रेनें चलाई जा रही हैं।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile

मुख्यमंत्री ने पीएम सूर्यघर योजना की भी सराहना की, जिसके तहत लोग न सिर्फ बिजली खरीद रहे हैं, बल्कि बेच भी रहे हैं।

इस दौरान, मुख्यमंत्री ने तातापानी में 100 किलोवाट का भूतापीय ऊर्जा संयंत्र और सौर सिंचाई पंपों के बढ़ते उपयोग का भी जिक्र किया। छत्तीसगढ़ में 1.5 लाख सौर सिंचाई पंप पहले ही लगाए जा चुके हैं, जिससे किसानों को काफी राहत मिली है।

कार्यक्रम में 40 से अधिक सत्रों का आयोजन हुआ, जिसमें विभिन्न राज्यों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों ने हिस्सा लिया।

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम, व्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.global-agriculture.com