छत्तीसगढ़: कृषक उन्नति योजना के लिए पंजीयन जारी, वैकल्पिक फसल लेने वाले किसानों को मिलेगी ₹15 हजार प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि
27 अक्टूबर 2026, रायपुर: छत्तीसगढ़: कृषक उन्नति योजना के लिए पंजीयन जारी, वैकल्पिक फसल लेने वाले किसानों को मिलेगी ₹15 हजार प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि -छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित कर रही है। इसी उद्देश्य से संचालित कृषक उन्नति योजना किसानों को परंपरागत धान की खेती के साथ वैकल्पिक फसलें अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है। योजना के तहत निर्धारित प्रावधानों और पात्रता के अनुसार धान के स्थान पर दूसरी फसल लेने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि का लाभ मिल सकता है। इससे किसानों को खेती में नए प्रयोग करने और अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत बनाने का अवसर मिल रहा है।
धान की जगह आधा एकड़ में लगाई अदरक की फसल
सरगुजा जिले की दरिमा तहसील के ग्राम लिबरा निवासी युवा किसान अभिषेक सिंह, पिता मदन सिंह, पहले अपनी कृषि भूमि पर मुख्य रूप से धान की खेती करते थे। इस वर्ष उन्होंने परंपरागत खेती से हटकर लगभग आधा एकड़ जमीन पर धान के बजाय अदरक की फसल लगाई है। अभिषेक सिंह को उम्मीद है कि अदरक की अच्छी पैदावार और बाजार में उचित कीमत मिलने पर उन्हें धान की तुलना में बेहतर आर्थिक लाभ मिल सकता है। उनका यह प्रयास दर्शाता है कि किसान अब खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए वैकल्पिक फसलों की संभावनाएं तलाश रहे हैं। शासन की प्रोत्साहन योजनाएं भी उन्हें फसल विविधीकरण की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं।
अदरक की खेती से बेहतर आमदनी की उम्मीद
युवा किसान अभिषेक सिंह का मानना है कि खेती को लाभकारी बनाने के लिए नई फसलों और आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाना जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने इस साल धान की जगह अदरक की खेती करने का निर्णय लिया। उन्हें उम्मीद है कि अदरक की अच्छी पैदावार और बाजार में उचित मूल्य मिलने से उनकी आमदनी में बढ़ोतरी होगी। हालांकि, फसल की बिक्री के बाद ही इसकी वास्तविक लागत और मुनाफे का आकलन किया जा सकेगा। अभिषेक सिंह के अनुसार, शासन की ओर से मिलने वाली प्रोत्साहन राशि किसानों को वैकल्पिक फसलों की खेती अपनाने में अतिरिक्त आर्थिक सहायता प्रदान कर सकती है।
प्रति एकड़ 15 हजार रुपये तक मिल सकता है प्रोत्साहन
कृषक उन्नति योजना का लाभ लेने के लिए अभिषेक सिंह दरिमा स्थित सहकारी समिति में पंजीयन कराने पहुंचे। उन्होंने बताया कि जिस जमीन पर पहले धान की खेती करते थे, उसी भूमि पर इस वर्ष अदरक की फसल लगाई है। योजना के निर्धारित प्रावधानों और पात्रता के अनुसार, धान के स्थान पर वैकल्पिक फसल लेने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि मिल सकती है। अभिषेक सिंह को भी पंजीयन और पात्रता संबंधी प्रक्रिया पूरी होने के बाद योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है।
सहकारी समितियों में पंजीयन जारी
सरगुजा जिले में कृषक उन्नति योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र किसानों तक पहुंचाने के लिए सभी सहकारी समितियों में पंजीयन का कार्य जारी है। कृषि विभाग की ओर से किसानों को योजना के प्रावधानों, पात्रता और फसल विविधीकरण से होने वाले लाभों की जानकारी दी जा रही है। साथ ही, किसानों को धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलें अपनाने और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पंजीयन कराने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य सरकार का उद्देश्य किसानों को परंपरागत खेती के साथ स्थानीय जलवायु, मिट्टी और बाजार की मांग के अनुरूप लाभकारी फसलें अपनाने के लिए प्रेरित करना है। इससे कृषि उत्पादन में विविधता लाने के साथ किसानों की आय बढ़ाने के अवसर भी तैयार हो सकते हैं।
किसानों से पंजीयन कराने की अपील
सरगुजा के युवा किसान अभिषेक सिंह की पहल फसल विविधीकरण की दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण है। जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे कृषक उन्नति योजना का लाभ लेने के लिए अपनी नजदीकी सहकारी समिति से संपर्क करें। किसान वहां योजना की पात्रता और पंजीयन संबंधी जानकारी प्राप्त कर निर्धारित समय-सीमा में पंजीयन सुनिश्चित कर सकते हैं। फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने की यह पहल किसानों को खेती में नए विकल्प अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है। इससे उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ाने और प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में भी मदद मिल सकती है।
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