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राज्य कृषि समाचार (State News)

छत्तीसगढ़: बेमेतरा में 275 बोरी यूरिया जब्त, कालाबाजारी और जमाखोरी पर प्रशासन का बड़ा एक्शन

06 जुलाई 2026, रायपुर: छत्तीसगढ़: बेमेतरा में 275 बोरी यूरिया जब्त, कालाबाजारी और जमाखोरी पर प्रशासन का बड़ा एक्शन – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार खरीफ सीजन 2026 के दौरान किसानों को समय पर, उचित मूल्य पर और गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और अवैध भंडारण के खिलाफ सघन अभियान चला रही है। इसी क्रम में बेमेतरा जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से भंडारित 275 बोरी यूरिया जब्त की है।

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं के निर्देश तथा कृषि विभाग के उप संचालक श्री मोरध्वज डडसेना के मार्गदर्शन में गठित जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल द्वारा जिलेभर में लगातार औचक निरीक्षण और छापामार कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य किसानों को निर्धारित मूल्य पर पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराना तथा कृत्रिम अभाव पैदा कर अनुचित लाभ कमाने के प्रयासों पर रोक लगाना है।

गोपनीय सूचना पर की गई कार्रवाई

इसी अभियान के तहत प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर उड़नदस्ता दल ने ग्राम जानो, तहसील देवकर में अँजोर वर्मा के परिसर में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए 275 बोरी यूरिया का अवैध भंडारण पाया गया।

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मौके पर संपूर्ण उर्वरक को विधिवत जब्त कर लिया गया। साथ ही संबंधित व्यक्ति को कारण बताओ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्राप्त जवाब के परीक्षण के बाद नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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गुणवत्ता परीक्षण के लिए भेजे जाएंगे नमूने

कृषि विभाग ने जब्त किए गए उर्वरकों के नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए अधिकृत प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को केवल मानक गुणवत्ता वाले उर्वरक उपलब्ध हों और किसी भी प्रकार की मिलावट या निम्न गुणवत्ता की सामग्री बाजार में न पहुंचे।

अभियान रहेगा जारी

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खरीफ सीजन के दौरान उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी, अवैध भंडारण तथा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री करने वालों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। यदि कोई निजी कृषि केंद्र, उर्वरक विक्रेता या सहकारी संस्था इस प्रकार की अनियमितता करते हुए पाई जाती है तो उसके विरुद्ध उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता होने पर पुलिस में एफआईआर दर्ज कर प्रकरण न्यायालय में भी प्रस्तुत किया जाएगा।

किसानों के हित सर्वोच्च प्राथमिकता

कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी परिस्थिति में उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा कृत्रिम अभाव उत्पन्न करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन पूरे जिले में लगातार निगरानी कर रहा है और शिकायत मिलने पर बिना पूर्व सूचना के तत्काल जांच एवं छापामार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

अनियमितता की सूचना देने की अपील

जिला प्रशासन ने किसानों और आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, अधिक मूल्य पर बिक्री अथवा अन्य किसी प्रकार की अनियमितता की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग या जिला प्रशासन को दें। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी तथा प्रत्येक शिकायत पर त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।

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