छतरपुर: खरीफ फसलों की सुरक्षा के लिए किसान जागरूकता रथ को रवाना किया
08 अगस्त 2026, छतरपुर: छतरपुर: खरीफ फसलों की सुरक्षा के लिए किसान जागरूकता रथ को रवाना किया – खरीफ मौसम 2026 में किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जोड़ने एवं प्रतिकूल मौसम विशेषकर संभावित अलनीनो प्रभाव से फसलों को होने वाले नुकसान की भरपाई के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मंगलवार को जिला पंचायत परिसर से फसल बीमा जागरूकता किसान रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत नमः शिवाय अरजरिया, अपर कलेक्टर विनय द्विवेदी एवं उप संचालक कृषि डॉ. अनिल मिश्रा ने किसान रथ को रवाना किया। किसान रथ जिले के सभी 8 विकास खंडों की ग्राम पंचायतों का भ्रमण कर किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जानकारी देगा तथा अधिक से अधिक किसानों को योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित करेगा। इस अवसर पर कृषि विभाग एवं फसल बीमा कंपनी के अधिकारी एवं मैदानी कर्मचारी उपस्थित रहे।
उप संचालक कृषि ने बताया कि खरीफ मौसम में दलहनी, तिलहनी एवं खाद्यान्न फसलों की बुवाई पूर्ण हो चुकी है। संभावित प्रतिकूल मौसम एवं अलनीनो प्रभाव को देखते हुए शासन ने किसानों की सुविधा के लिए फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 17 अगस्त 2026 तक बढ़ा दी है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी फसलों का बीमा कराकर प्राकृतिक जोखिमों से आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि जिले में खरीफ मौसम के लिए उड़द एवं मूंग संपूर्ण जिले में, तिल, मूंगफली एवं ज्वार तहसील स्तर पर तथा सोयाबीन, अरहर एवं धान पटवारी हल्का स्तर पर अधिसूचित फसलें हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को ऋणमान सीमा का मात्र 2 प्रतिशत प्रीमियम जमा करना होगा। प्रति हेक्टेयर प्रीमियम राशि सोयाबीन 870 रुपये, उड़द 590 रुपये, मूंग 546 रुपये, तिल 504 रुपये, मूंगफली 888 रुपये, अरहर 638 रुपये, मक्का 760 रुपये, सिंचित धान 924 रुपये तथा असिंचित धान 610 रुपये निर्धारित की गई है।किसान भूमि अभिलेख, बुवाई प्रमाण पत्र, आधार कार्ड एवं बैंक खाते की जानकारी के साथ सीएससी सेंटर, लोक सेवा केंद्र, कंप्यूटर कैफे अथवा स्वयं प्रधानमंत्री फसल बीमा पोर्टल के माध्यम से 17 अगस्त 2026 तक अपनी फसलों का बीमा करा सकते हैं।
उप संचालक कृषि डॉ. अनिल मिश्रा ने किसानों से अपील की कि वे बढ़ी हुई समय-सीमा का अधिकतम लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि यदि बीमित फसल को प्राकृतिक आपदा, अल्पवृष्टि या अतिवृष्टि से नुकसान होता है तो किसान टोल फ्री नंबर 14447 पर तत्काल सूचना दें तथा 72 घंटे के भीतर पंचनामा सहित संबंधित बीमा कंपनी को लिखित सूचना भी उपलब्ध कराएं। फसल बीमा संबंधी अधिक जानकारी के लिए किसान अपने क्षेत्र के कृषि विस्तार अधिकारी अथवा बीमा कंपनी के प्रतिनिधि से संपर्क कर सकते हैं।
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