राज्य कृषि समाचार (State News)

नरवाई जलाना नुकसान देह: डॉ. गुप्ता

खंडवा। के.जे. एजुकेशन सोसायटी द्वारा जिले के खालवा पंधाना और छैगांवमाखन विकासखंड के कृषकों को आवासीय अध्ययन दिया गया। खालवा वि.ख. के ग्राम जामनी में एचीवर फार्मर श्री राजकुमार पटेल के आवास पर पंधाना वि.खं. के ग्राम पिपलोद खास में ग्राम पंचायत भवन में एवं छैगांवमाखन विकासखंड के ग्राम मोकलगांव के पंचायत भवन में किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। तीनों विकासखंडों में कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. मुकेश गुप्ता ने बताया कि रबी फसल की कटाई के उपरांत खेतों में नरवाई में आग लगाना बहुत हानिकारक होता है।

आग लगाने से मिट्टी में उपस्थित कीट मित्र जलकर मर जाते हैं। और खेत की मिट्टी की सतह भी कड़क हो जाती है। इस नुकसान से बचाने के लिये हमें नरवाई में रोटोवेटर चलवा देना चाहिए। जिससे हमारे कीटमित्र भी सुरक्षित रहेंगे। खेत को जैविक खाद भी मिलेगा। डॉ. गुप्ता ने संतुलित उर्वरक एवं अनुशंसित बीज दर से बोने की सलाह दी आपने बताया कि खरीफ में सोयाबीन 30 किलो एकड़ एवं गेहूं 40 किलो प्रति एकड़ से ज्यादा नहीं बोना चहिए। आवासीय अध्ययन कार्यक्रम में विकासखंड पंधाना के बी.टी.एम. शैलेन्द्र राठौर, एस.एम.एस. भागीरथ प्रसाद, छैगांवमाखन विकासखंड के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री डी.आर. सिलावट एवं श्री पी.एस. सोलंकी उपस्थित थे।

Advertisements
Advertisement
Advertisement