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राज्य कृषि समाचार (State News)

नरवाई जलाने से फसल उत्पादन में कमी होती है

05 मार्च 2024, सीहोर: नरवाई जलाने से फसल उत्पादन में कमी होती है – किसानों द्वारा गेहूं फसल की कटाई का कार्य प्रारंभ हो गया है। किसानों से कृषि विभाग ने आग्रह किया है कि किसान गेहूं की नरवाई नहीं जलाएं । इसके लिए प्रशासन द्वारा पूर्व से ही  गेहूं की नरवाई  जलाया  जाना प्रतिबंधित किया गया हे। किसान  गेहूं फसल के  ठूंठ नरवाई को जलाने से खेत की उर्वरक क्षमता में कमी आती है। 

 गेहूं की नरवाई को रोटावेटर की सहायता से खेत की  मिट्टी  में मिलाएं , इससे नरवाई  मिट्टी  में मिलाने से देशी खाद का काम करता है और फसल के उत्पादन में वृद्धि होती है। कृषि विभाग के अधिकारियों एवं कृषि वैज्ञानिकों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर  किसानों  को नरवाई न जलाने की सलाह एवं समझाइश निरंतर दी जा रही है।      

उप संचालक कृषि ने बताया कि विभाग के अधिकारी अपने निरंतर भ्रमण के दौरान किसानों को समझाइश दे रहे  हैं  कि किसान अपने खेत की नरवाई  नहीं जलाएं।  इसके साथ ही नरवाई नहीं जलाने के फायदे  भी बता रहे  हैं । किसान अपने खेत की नरवाई जलाने के स्थान पर रोटावेटर चलाकर नरवाई खेत की  मिट्टी  में  मिलाएं  नरवाई  मिट्टी  में मिला देने से खाद का काम करता है। किसान, खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए गेहूं के नरवाई को जलाने की बजाय उसे खेतों की मिट्टी में ही मिला दिया जाए जिससे खेत में फसलों को नुकसान भी नहीं होगा और फसल की पैदावार भी अच्छी होगी।

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