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किसानों की सफलता की कहानी (Farmer Success Story)राज्य कृषि समाचार (State News)

मिर्च ने दिलाया मनमाफिक मुनाफा

  • (दिलीप दसौंधी, मंडलेश्वर)

3 अक्टूबर 2022, मिर्च ने दिलाया मनमाफिक मुनाफा  – यदि प्रकृति का साथ मिले और उन्नत तकनीक के साथ खेती की जाए तो रोगमुक्त फसल से मन माफिक मुनाफा कमाया जा सकता है। इसे साबित किया है ग्राम रामपुरा तहसील कसरावद जिला खरगोन के एग्रोनोमी में कृषि स्नातक युवा कृषक श्री रामदास यादव (25) ने। इन्होंने गत वर्ष मिर्च की फसल में एक एकड़ में औसत डेढ़ लाख रुपए से अधिक का मुनाफा कमाया।

श्री यादव ने कृषक जगत को बताया कि रामपुरा में 20 एकड़ जमीन है, जिस पर परिवार के साथ खेती करते हैं। अभी मिश्रित खेती करते हैं जिसमें 45 प्रतिशत जैविक है। धीरे-धीरे जैविक का प्रतिशत बढ़ा रहे हैं। इस वर्ष खरीफ में 15 एकड़ में कपास और 5 एकड़ में मिर्च लगाई है। फिलहाल दोनों फसलें अच्छी हैं। फसलों को स्वस्थ रखने के लिए जीवामृत, केंचुआ खाद, ब्रम्हास्त्र, नीमास्त्र, दस पत्ती अर्क आदि का इस्तेमाल करते हैं। अब तक गाय के गोबर और केंचुओं की मदद से 350 क्विंटल खाद और 5000 लीटर जीवामृत बना चुके हैं। एक एकड़ फसल में 1 हजार लीटर जीवामृत ड्रिप से देते हैं। 

गत वर्ष 15 एकड़ में मिर्च लगाई थी, लेकिन विल्ट की समस्या और नहर की पाइप लाइन से जल के निरंतर रिसाव होने से जल निकासी नहीं पाई और 8 एकड़ की फसल खराब हो गई थी। शेष 7 एकड़ की फसल अच्छी रही।

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जिसमें एक एकड़ में करीब 80 क्विंटल सूखी लाल मिर्च का औसत उत्पादन मिला और भाव भी अच्छा मिलने से लागत काटकर प्रति एकड़ डेढ़ लाख रुपए से अधिक का शुद्ध मुनाफा कमाया। श्री यादव किसानों को प्राकृतिक खेती का नि:शुल्क प्रशिक्षण भी देते हैं, जिससे अब तक करीब 4 हजार किसान लाभान्वित हो चुके हैं। 500 लीटर गोमूत्र का मुफ्त वितरण कर चुके हैं। किसानों को जीवामृत छानने में आ रही परेशानी को देखते हुए इन्होंने कम लागत वाली 7 जालियों की विशिष्ट छलनी बनाई है, जिससे जीवामृत को छानना बहुत आसान हो गया है। अगले साल जैविक का रकबा बढ़ाने के साथ ही पीएचडी करने का भी इरादा रखते हैं। 

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