राज्य कृषि समाचार (State News)

मधुमक्खी पालन आय का अतिरिक्त साधन: डॉ. सिंह

20 मार्च 2025, रायसेन: मधुमक्खी पालन आय का अतिरिक्त साधन: डॉ. सिंह – मधुमक्खी पालन हेतु उपयुक्त फसलें नींबू, आम, यूकेलिप्टस, अनार, नीम,अमरुद, बेर, सरसों, महुआ, धनिया की रहती है। मधुमक्खी पालन हेतु उपयुक्त स्थान,विभिन्न प्रजातियां मधुमक्खी भोजन स्रोतों की जानकारी एवं मधुमक्खी पालन से विभिन्न उत्पाद जैसे शहद, रायल, जेली, पराग, मोन विष, मौम, गोंद आदि की सभी जानकारियां कृषि विज्ञान केंद्र रायसेन में संगोष्ठी आयोजित कर दी गई।

ग्रामीण नवयुवक मधुमक्खी पालन कर अतिरिक्त आय का साधन स्थापित कर सकते हैं। संगोष्ठी में डॉ. एस. आर. के. सिंह डायरेक्टर अटारी जबलपुर, नेशनल बी वल्र्ड के डायरेक्टर श्री प्रवीण रघुवंशी, श्री जी. एस. रैकवार अनुविभागीय कृषि अधिकारी,वरिष्ठ वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र रायसेन के प्रमुख डॉ. स्वप्निल दुबे, डॉ. मुकुल कुमार, डॉ. अंशुमन गुप्ता, डॉ. आलोक सूर्यवंशी, श्री रणजीत सिंह राघव, श्रीमती लक्ष्मी चक्रवर्ती, श्री सुनील केथवास, डॉ ब्रह्मानंद शुक्ला, श्रीमती अरुणा सोमकुंवर सहित सांची, गैरतगंज, बेगमगंज, सिलवानी, बरेली, औबेदुल्लागंज विकासखंड के लगभग 200 कृषक उपस्थित थे। चयनित कृषकों को मधुमक्खी पालन हेतु मधु बॉक्स, मधु भोजन पात्र, दस्ताने, छलनी का वितरण किया गया।

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