जबलपुर जिले में नरवाई जलाने पर लगाया प्रतिबंध
उल्लंघन करने पर कम्बाइन हार्वेस्टर होंगे जब्त , किसानों से होगी वसूली
27 अक्टूबर 2026, जबलपुर: जबलपुर जिले में नरवाई जलाने पर लगाया प्रतिबंध – कलेक्टर जबलपुर द्वारा जिले में नरवाई जलाने की घटनाओं में हुई वृद्धि को देखते हुए नरवाई / पराली जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया है । इसके उल्लंघन पर किसानों को जुर्माना देना पड़ेगा , वहीं कम्बाइन हार्वेस्टर में सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम / स्ट्रा रीपर / बेलर लगाए बिना कटाई कार्य नहीं किया जा सकेगा .बिना इन उपकरणों के संचालित पाए जाने पर कम्बाइन हार्वेस्टर को तत्काल जब्त किया जाएगा .
उप संचालक कृषि के अनुसार वर्तमान में क्षेत्र में धान एवं मक्का की कटाई में कम्बाइन हार्वेस्टर से कटाई उपरान्त फसल की नरवाई / पराली में आग लगाने की घटनाओं में तेज़ी से वृद्धि हुई है .पराली जलाने की घटनाओं की सैटेलाइट द्वारा मैपिंग की जा रही है .फसल अवशेष प्रबंधन हेतु जिला स्तरीय फसल अवशेष प्रबंधन समिति का गठन किया गया है .जिसका कार्य पराली जलाने की घटनाओं को रोकना और किसानों को जागरूक करना है । भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद एवं उपग्रह निगरानी से प्राप्त जानकारी के अनुसार खेतों में नरवाई जलाने से वायु प्रदुषण खतरनाक ढंग से बढ़ रहा है .नरवाई जलाने से भूमि की ऊपरी परत जल जाती है , जिससे सूक्ष्म पोषक तत्व , कार्बनिक पदार्थ तथा मित्र कीट जैसे केंचुए आदि नष्ट हो जाते हैं .नरवाई जलाने से ग्रामीण क्षेत्रों आदि में अग्निकांड का अंदेशा बना रहता है .इन्हीं सब कारणों से जिले में नरवाई जलाने को प्रतिबंधित कर दिया है .अब कोई भी कम्बाइन हार्वेस्टर सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम / स्ट्रा रीपर / बेलर लगाए बिना कटाई कार्य नहीं करेगा .इसका उल्लंघन किए जाने पर कम्बाइन हार्वेस्टर तत्काल जब्त किया जाएगा .
किसानों द्वारा उक्त निर्देशों का उल्लंघन करने पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के नोटिफिकेशन के प्रावधान के अनुसार जिन किसानों के पास दो एकड़ से कम ज़मीन है उनसे 2500 रु ( प्रति घटना ), जिन किसानों के पास दो एकड़ से अधिक लेकिन पांच एकड़ से कम ज़मीं है , उनसे ५००० रु / घटना तथा जिन किसानों के पास पांच एकड़ से अधिक ज़मीन है , उनसे 15000 रु / घटना की दर से पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि की वसूली की जावेगी .
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