बलराम तालाब योजना से सिंचाई की समस्या दूर, अब तीनों मौसमों में खेती करेगा किसान
11 सितंबर 2026, भोपाल: बलराम तालाब योजना से सिंचाई की समस्या दूर, अब तीनों मौसमों में खेती करेगा किसान – मध्यप्रदेश के विदिशा जिले के नटेरन विकासखंड के ग्राम खेराई निवासी किसान महेंद्र सिंह रघुवंशी लंबे समय से कृषि कार्य से जुड़े हैं। खेती ही उनकी आजीविका का प्रमुख आधार है। लेकिन वर्षा आधारित खेती होने के कारण पर्याप्त सिंचाई सुविधा का अभाव उनके सामने बड़ी चुनौती रहा। पानी की सीमित उपलब्धता के चलते वे साल के सभी कृषि मौसमों में फसल नहीं ले पा रहे थे।
बलराम तालाब योजना से मिली सिंचाई की सुविधा
किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की बलराम तालाब योजना के तहत महेंद्र सिंह रघुवंशी को खेत में तालाब निर्माण का लाभ मिला। योजना के अंतर्गत तालाब निर्माण पर शासन की ओर से 40 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया गया। खेत में तालाब बनने से अब बारिश के दौरान मिलने वाले पानी को संग्रहित किया जा सकेगा और जरूरत के समय इसका उपयोग सिंचाई के लिए किया जाएगा। इससे किसान की सिंचाई समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हुआ है। खेत में जल संग्रहण की सुविधा बनने से पानी की उपलब्धता बढ़ेगी और खेती के लिए बारिश पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
तीनों कृषि मौसमों में फसल लेने की तैयारी
बलराम तालाब के निर्माण से किसान महेंद्र सिंह रघुवंशी अब अपने खेत का वर्षभर बेहतर उपयोग करने की योजना बना रहे हैं। उनका लक्ष्य तीनों कृषि मौसमों में फसल उत्पादन करना है। खरीफ मौसम में धान, रबी में गेहूं और चना तथा जायद मौसम में उड़द और मूंग की फसल लेने की तैयारी है। तालाब में संग्रहित वर्षा जल का सिंचाई के लिए उपयोग होने से फसलों को जरूरत के समय पानी उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे खेत के उपयोग को बढ़ाने के साथ फसल विविधता बढ़ाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
कृषि उत्पादन और आय बढ़ने की उम्मीद
पहले पानी की कमी के कारण खेती मुख्य रूप से बारिश पर निर्भर थी। अब खेत में जल संग्रहण की सुविधा उपलब्ध होने से किसान को कृषि कार्य अधिक व्यवस्थित ढंग से करने का अवसर मिला है। तीनों कृषि मौसमों में फसल लेने से खेत की उपयोगिता बढ़ेगी। इसके साथ ही कृषि उत्पादन और आने वाले समय में कृषि आय में वृद्धि की भी संभावना है। इस तरह बलराम तालाब योजना किसान के लिए केवल सिंचाई सुविधा का माध्यम नहीं, बल्कि जल संरक्षण, फसल विविधीकरण और खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बन रही है।
किसान की जुबानी- अब खेती के लिए नई उम्मीद
किसान महेंद्र सिंह रघुवंशी बताते हैं कि पहले पानी की समस्या के कारण उनकी खेती मुख्य रूप से बारिश पर निर्भर रहती थी। बलराम तालाब योजना के माध्यम से खेत में तालाब निर्माण का लाभ मिला और शासन से 40 प्रतिशत अनुदान प्राप्त हुआ। अब बारिश के पानी को खेत में संग्रहित कर जरूरत के समय सिंचाई के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में वे खरीफ में धान, रबी में गेहूं एवं चना और जायद में उड़द एवं मूंग की फसल लेने का प्रयास करेंगे। तालाब निर्माण से सिंचाई की समस्या के समाधान की दिशा में उनके लिए नई उम्मीद बनी है।
जल संरक्षण से समृद्धि की ओर किसान
बलराम तालाब योजना के माध्यम से खेत में जल संग्रहण और सिंचाई की सुविधा विकसित होने से महेंद्र सिंह रघुवंशी की खेती को नई दिशा मिली है। योजना के लाभ से वे अब वर्ष के तीनों कृषि मौसमों में फसल उत्पादन की ओर आगे बढ़ रहे हैं। खेत में वर्षा जल का संरक्षण खेती को अधिक सुरक्षित, उत्पादक और टिकाऊ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। खेत में पानी का भंडारण किसान के भविष्य की समृद्धि का आधार बन सकता है।
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