गैर अनुदानित उर्वरकों के विक्रय प्रतिबंध में संशोधन
23 मई 2026, इंदौर: गैर अनुदानित उर्वरकों के विक्रय प्रतिबंध में संशोधन – गत दिनों मध्य प्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग मंत्रालय , भोपाल द्वारा गैर अनुदानित उर्वरकों के विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया गया था । उक्त विक्रय प्रतिबंध पत्र में संशोधन कर स्पष्ट किया गया है कि अब कंपनियों द्वारा किए जाने वाले अन्य समस्त गैर अनुदानित उर्वरकों का अनुदानित उर्वरक के साथ टैगिंग के रूप में विक्रय प्रदेश में पूर्णतः प्रतिबंधित होगा।
कृषि सचिव श्री निशांत वरवड़े द्वारा जारी संशोधित पत्र में स्पष्ट किया गया है कि उर्वरक प्रदाय कम्पनी किसी भी डीलर को गैर अनुदानित उर्वरकों /अन्य कृषि आदानों की जबरन टैगिंग नहीं करेंगी । उर्वरक विक्रेता किसी भी कृषक को गैर अनुदानित उर्वरकों / अन्य कृषि आदानों की जबरन टैगिंग नहीं करेंगे । उक्त निर्देशों का पालन नहीं करने पर जांच के उपरांत पुष्टि की स्थिति में संबंधित कम्पनी /डीलर के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। अनुदानित उर्वरकों के साथ गैर अनुदानित उर्वरकों/अन्य कृषि आदानों की जबरन टैगिंग की शिकायत सीएम किसान हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर 155253 पर की जा सकती है।
उल्लेखनीय है कि किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग मंत्रालय , भोपाल द्वारा संदर्भ क्रमांक /ई-2 /उर्व /पी -4 /2026 / 245 , भोपाल , दिनांक 14 -5 -26 को जारी पूर्व पत्र में अनुदानित यूरिया ,डीएपी एवं कॉम्प्लेक्स उर्वरकों के साथ कंपनियों द्वारा उत्पादित अन्य उर्वरकों की टैगिंग की संभावना व्यक्त की गई थी , जिससे किसानों को अनुदानित उर्वरकों के साथ अन्य उर्वरक क्रय करने के फलस्वरूप आदान लागत में वृद्धि को देखते हुए मध्यप्रदेश में अनुदानित यूरिया ,डीएपी एवं कॉम्प्लेक्स उर्वरकों की आपूर्ति करने वाली कंपनियों को अनुदानित उर्वरकों की आपूर्ति एवं विक्रय हेतु दी गई अनुमति को छोड़कर उर्वरक विक्रय प्राधिकार ( फार्म A – 2 ) में अंकित अन्य समस्त गैर अनुदानित उर्वरकों की आपूर्ति एवं विक्रय को प्रदेश में पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया था।
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