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राज्य कृषि समाचार (State News)

बोले कृषि मंत्री, सब्जियों की बुवाई का है यह उपयुक्त समय

25 फ़रवरी 2025, भोपाल: बोले कृषि मंत्री, सब्जियों की बुवाई का है यह उपयुक्त समय – मध्यप्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने प्रदेश के किसानों से यह कहा है कि वे यदि ग्रीष्मकालीन सब्जियों की बुवाई करना चाहते है तो यह उनके लिए अभी उपयुक्त समय है क्योंकि गर्मी के मौसम में किसान सब्जियों की खेती कर अतिरिक्त आमदनी कर सकते है।

उन्होंने कहा है कि ग्रीष्मकालीन सब्जियों की पौध की तैयारी व बुवाई का यह उपयुक्त समय चल रहा है। बुवाई  15 मार्च तक कर सकते हैं। ग्रीष्मकालीन सब्जियों लौकी, कद्दू, करेला, तोरई, खीरा, टिण्डा, भिंडी, तरबूज और खरबूज की बुवाई का यह उपयुक्त समय है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार बेल वाली सब्जियों के लिए बलुई दोमट मिट्टी, जिसका पीएच मान 6 से 7.5 के मध्य हो उपयुक्त होती है। किसान मिट्टी की जांच रिपोर्ट के आधार पर गोबर की खाद या कम्पोस्ट अथवा रासायनिक उर्वरकों का उपयोग करें। बुवाई के लिए नालियां या जमीन से उठी हुई क्यारियां तैयार कर लें। खेत में नालियां लगभग 40-50 सेंटीमीटर चौड़ी और 30-40 सेंटीमीटर गहरी बनाएं। दो कतारों में 2 से 4 मीटर की दूरी रखें। बीज दर खीरा के लिए 2 से 2.5 किलोग्राम, लौकी के लिए 4 से 5 किलोग्राम, करेला के लिए 5 से 6 किलोग्राम, तोरई के लिए 4.5 से 5 किलोग्राम, कद्दू के लिए 3 से 4 किलोग्राम, टिण्डा के लिए 5 से 6 किलोग्राम, तरबूज के लिए 4 से 4.5 किलोग्राम और खरबूज की बीज दर 2.5 किलोग्राम रखें। रोपाई से पूर्व सब्जियों के बीजों को फफूंदनाशक दवा कार्बेंडाजिम + मैंकोजेब 2 ग्राम प्रति किलो बीज की दर से उपचार करें। ज्यादातर बेल वाली सब्जियों में खेत की तैयारी के समय 15 से 20 टन प्रति हेक्टेयर अच्छी सड़ी हुई गोबर की खाद का प्रयोग करना चाहिए। नाइट्रोजन 80 किलोग्राम, फास्फोरस 50 किलोग्राम, पोटाश 50 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से उपयोग करें।

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