राज्य कृषि समाचार (State News)

कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की सीकर में छापेमारी, घटिया मूंगफली बीज बेचने वाली फैक्ट्री पर FIR के दिए निर्देश

27 मई 2026, जयपुर: कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की सीकर में छापेमारी, घटिया मूंगफली बीज बेचने वाली फैक्ट्री पर FIR के दिए निर्देश – राजस्थान के कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने मंगलवार को सीकर जिले के औद्योगिक क्षेत्र स्थित बालाजी एग्रो इंडस्ट्रीज पर छापेमारी कर बड़ी अनियमितताओं का खुलासा किया। निरीक्षण के दौरान खाद एवं मूंगफली बीज से जुड़े दस्तावेजों की मौके पर जांच की गई, लेकिन संबंधित फर्म आवश्यक बिल, लाइसेंस और पैकेजिंग प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर सकी। जांच में सामने आया कि बाजार और मंडियों से सामान्य एवं घटिया गुणवत्ता की मूंगफली खरीदकर उसे प्रमाणित बीज के रूप में तैयार किया जा रहा था।

कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों द्वारा तैयार ग्रेडर बीज के बजाय मंडियों से खरीदी गई मूंगफली को बीज बनाकर बेचना किसानों के हितों के साथ बड़ा अन्याय है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की मिलावट, फर्जीवाड़ा या धोखाधड़ी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

गोविंदगढ़ में हो रही थी पैकिंग, कट्टों पर सीकर फैक्ट्री का नाम

निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि बीज की पैकिंग गोविंदगढ़ (जिला जयपुर) में की जा रही थी, जबकि पैकिंग कट्टों पर सीकर स्थित फैक्ट्री का नाम अंकित किया जा रहा था। इस पर कृषि मंत्री डॉ. मीणा ने गंभीर नाराजगी जताते हुए इसे किसानों के साथ सरासर धोखाधड़ी बताया। उन्होंने मौके से खाद और मूंगफली बीज के नमूने लेकर जांच के निर्देश दिए।

कृषि मंत्री ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि नमूनों की जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या मिलावट पाई जाती है तो संबंधित फर्म और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस में FIR दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि मामले में मूंगफली एवं अन्य बीजों के नमूनों की जीओ-टैगिंग जांच भी करवाई जाएगी।

बिना अनुमति चल रहा था गोदाम, करोड़ों की बिक्री दिखाई गई

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि गोविंदगढ़ स्थित गोदाम बिना अनुमति संचालित किया जा रहा था। वहीं सीकर इकाई में पैकेजिंग कार्य नहीं होने के बावजूद करोड़ों रुपए की बिक्री दर्शाई जा रही थी। कृषि मंत्री ने अधिकारियों को पूरे मामले की गहन जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

डॉ. मीणा ने बताया कि शुरुआती जांच में मूंगफली में “अफ्लाटॉक्सिन” फंगस की आशंका भी सामने आई है। यह फंगस फसल की गुणवत्ता और तेल उत्पादन को प्रभावित करता है तथा मानव स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक माना जाता है। उन्होंने कहा कि राजस्थान देश में मूंगफली उत्पादन एवं निर्यात का प्रमुख राज्य है और गुणवत्ताहीन बीजों के कारण निर्यात प्रभावित होना गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि किसानों के हित सुरक्षित रह सकें।

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