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राज्य कृषि समाचार (State News)

भिंड में बदलेगी खेती की तस्वीर, PKC नदी जोड़ो परियोजना से बढ़ेगी सिंचाई; CM यादव ने किसानों से की ये अपील

06 सितंबर 2026, भिंड: भिंड में बदलेगी खेती की तस्वीर, PKC नदी जोड़ो परियोजना से बढ़ेगी सिंचाई; CM यादव ने किसानों से की ये अपील – मध्य प्रदेश के भिंड जिले में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से खेती-किसानी की तस्वीर बदलने की तैयारी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भिंड की धरती ‘जय जवान-जय किसान’ का सार्थक उदाहरण है। कभी डकैतों की समस्या के लिए पहचाने जाने वाले इस क्षेत्र की पहचान अब उद्योग, रोजगार और कृषि के क्षेत्र में हो रही प्रगति से बन रही है। मुख्यमंत्री शनिवार को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भिंड में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि आने वाले समय में प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनने जा रही है। उन्होंने किसानों से पारंपरिक खेती के साथ दुग्ध उत्पादन, श्रीअन्न, मत्स्य पालन और उद्यानिकी जैसे क्षेत्रों में भी आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के साथ खेत से लेकर फैक्ट्री तक खड़ी है।

किसानों से बोले- जमीन न बेचें

डॉ. यादव ने किसानों से अपनी जमीन को महत्वपूर्ण पूंजी मानते हुए उसे बेचने से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि धरती माता किसानों की सबसे बड़ी पूंजी है। किसानों को अपनी जमीन में मेहनत और समर्पण का निवेश करना चाहिए और अपने बच्चों को भी इसी पूंजी के महत्व को समझाना चाहिए।

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सरसों उत्पादन में भिंड की अलग पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि चंबल, सिंध और पहुज नदियों से सिंचित भिंड में बाजरा, गेहूं और सरसों का अच्छा उत्पादन होता है। सरसों उत्पादन के मामले में भिंड की अलग पहचान है। मुरैना और भिंड मिलकर प्रदेश के कुल सरसों उत्पादन में 50 प्रतिशत से अधिक योगदान देते हैं।

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जिले में किसान अब प्राकृतिक खेती की ओर भी बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार भिंड में 3 हजार से अधिक किसानों ने करीब 1250 हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती अपनाई है। इसके अलावा जिले में पशुपालन और मत्स्य पालन के क्षेत्र में भी नए प्रयोग किए जा रहे हैं।

आधुनिक तकनीक से मत्स्य पालन में भी बढ़ा उत्पादन

भिंड के भवथरा गांव में करीब 25 लाख रुपये की लागत से आधुनिक मत्स्य पालन तकनीक स्थापित की गई है। इससे करीब 8 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन हुआ है। वहीं जिले में लगभग 60 गौशालाओं के माध्यम से गौसेवा की जा रही है। पांडरी गांव में करीब 5 हजार निराश्रित गौवंश के आश्रय के लिए स्वावलंबी गौशाला तैयार करने की योजना पर काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दुग्ध संकलन में प्रदेश में 31 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि भिंड के किसान कृषि के साथ पशुपालन और मत्स्य पालन को अपनाकर अपनी आय के नए रास्ते तैयार कर रहे हैं।

PKC परियोजना से बदलेगी खेती की तस्वीर

मुख्यमंत्री ने कहा कि भिंड जिले को पार्वती-कालीसिंध-चंबल (PKC) नदी जोड़ो परियोजना का लाभ मिलने वाला है। इससे जिले में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा और खेती की तस्वीर बदलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि सिमार स्टॉप डैम का काम लगभग पूरा हो चुका है। इसके पूरा होने से करीब 210 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी। वहीं अटेर क्षेत्र में कनेरा उद्वहन सिंचाई परियोजना का काम जून 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इससे 96 गांवों की 15 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि सिंचित हो सकेगी।

वर्तमान में राजघाट, चंबल और हर्सी नहर प्रणालियों के माध्यम से जिले में करीब 1 लाख 62 हजार 381 हेक्टेयर भूमि पहले से सिंचित हो रही है।

किसानों और मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान

बलराम कृषि महोत्सव के दौरान कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों में बेहतर काम करने वाले किसानों को सम्मानित किया गया। फलोद्यान नर्सरी, प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, केंचुआ खाद उत्पादन, उन्नत तकनीक से टमाटर-मिर्च उत्पादन और देशी बीज संरक्षण जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले किसानों को शॉल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिले के मेधावी विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया।

किसानों के लिए लगाए गए विशेष स्टॉल

महोत्सव स्थल पर किसानों की सुविधा के लिए कृषक पंजीयन, ई-केवाईसी और फार्मर आईडी पंजीयन के विशेष स्टॉल लगाए गए। कृषि, पशुपालन एवं डेयरी, कृषि अभियांत्रिकी, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, मत्स्य विभाग और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की ओर से प्रदर्शनी भी लगाई गई। इन स्टॉल के माध्यम से किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और विभागीय गतिविधियों की जानकारी दी गई। स्वसहायता समूहों ने अपने उत्पादों की प्रदर्शनी के साथ उनका विक्रय भी किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर प्रदेशभर में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किया जा रहा है, जिसमें किसान उत्साह के साथ भाग ले रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि किसान कल्याण वर्ष के तहत आयोजित कार्यक्रमों के सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।

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