Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

आगर मालवा: गोबर से जैविक खाद बना रहे जितेंद्र, सालाना हो रही ₹3.60 लाख की अतिरिक्त कमाई  

21 सितंबर 2026, आगर मालवाआगर मालवा: गोबर से जैविक खाद बना रहे जितेंद्र, सालाना हो रही ₹3.60 लाख की अतिरिक्त कमाई – मध्यप्रदेश सरकार के सेवा संकल्प अभियान के तहत आगर मालवा जिले में कृषि एवं पशुपालन के क्षेत्र में नवाचार और जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी पहल से प्रेरणा लेकर जितेंद्र खजूरिया ने महाकाल एग्रो ऑर्गेनिक एवं डेयरी फार्म की स्थापना की। यहां डेयरी से प्राप्त गोबर और अन्य जैविक अवशेषों का उपयोग कर जैविक खाद तैयार की जा रही है। इस गतिविधि से उन्हें सालाना करीब ₹3.60 लाख की अतिरिक्त आय हो रही है।

गोबर से तैयार हो रही जैविक खाद

जितेंद्र खजूरिया ने अपनी इकाई में एचडीपीई वर्मी खाद यूनिट स्थापित की है। इसमें अस्थाई एचडीपीई बेड के माध्यम से जैविक खाद तैयार की जाती है। डेयरी से प्राप्त गोबर और अन्य जैविक अवशेषों का उपयोग खाद निर्माण में किया जा रहा है। इससे पशुपालन और खाद निर्माण को एक साथ जोड़कर अतिरिक्त आय का स्रोत विकसित हुआ है।

सालाना 400 क्विंटल खाद का उत्पादन

हितग्राही द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, इकाई में एक वर्ष में करीब 400 क्विंटल जैविक खाद का उत्पादन हो रहा है। जैविक खाद निर्माण का काम नियमित रूप से किया जा रहा है, जिससे जितेंद्र खजूरिया को हर साल करीब ₹3.60 लाख की आय प्राप्त हो रही है।

टिकाऊ खेती को मिल रहा बढ़ावा

जितेंद्र खजूरिया ने पशुपालन से प्राप्त गोबर का उपयोग जैविक खाद निर्माण में कर संसाधनों के बेहतर उपयोग का उदाहरण प्रस्तुत किया है। इससे जैविक संसाधनों का पुनर्चक्रण होने के साथ जैविक खेती को बढ़ावा मिल रहा है। डेयरी व्यवसाय के साथ जैविक खाद निर्माण को जोड़कर उन्होंने कृषि आधारित उद्यमिता का उदाहरण पेश किया है।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture