राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्यप्रदेश के किसानों के लिए बड़ी सौगात, अगले 6 महीने में बढ़ेगी 6 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता

27 जून 2026, भोपाल: मध्यप्रदेश के किसानों के लिए बड़ी सौगात, अगले 6 महीने में बढ़ेगी 6 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता – मध्यप्रदेश के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार आगामी छह महीनों में 13 जिलों की प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं का लोकार्पण करने जा रही है। इन परियोजनाओं के शुरू होने से प्रदेश में करीब 6 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा, जिससे किसानों को पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा और कृषि उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।

यह जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में गुरुवार को मंत्रालय में आयोजित जल संसाधन एवं नर्मदा घाटी विकास विभाग की समीक्षा बैठक में दी गई। बैठक में मुख्यमंत्री ने कृषक कल्याण वर्ष के दौरान सिंचाई सुविधाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

13 जिलों में तैयार हैं सिंचाई परियोजनाएं

बैठक में बताया गया कि जिन परियोजनाओं का कार्य पूरा हो चुका है, उनका लोकार्पण जल्द किया जाएगा। इन परियोजनाओं से बड़वानी, सीहोर, शाजापुर, देवास, झाबुआ, धार, खंडवा, खरगोन, अलीराजपुर, राजगढ़, जबलपुर, कटनी और मंडला जिले के किसानों को लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि उत्पादन को मजबूत करने के लिए बेहद जरूरी है। इसलिए सभी परियोजनाओं को समय पर पूरा कर किसानों तक उनका लाभ पहुंचाया जाए।

केन-मंदाकिनी लिंक परियोजना का प्रस्ताव केंद्र को भेजा

बैठक में जानकारी दी गई कि केन-मंदाकिनी अंतर्राज्यीय सिंचाई परियोजना का प्रस्ताव भारत सरकार को भेज दिया गया है। इस परियोजना से 93,310 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित होगी और 15.8 मेगावाट बिजली का उत्पादन भी किया जा सकेगा। परियोजना में 20 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण होगा और इसकी अनुमानित लागत 8,400 करोड़ रुपये से अधिक है।

सिंहस्थ से जुड़ी परियोजनाओं पर भी तेजी

समीक्षा बैठक में सिंहस्थ से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना का 82 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जबकि कान्ह डायवर्सन क्लोज्ड डक्ट परियोजना में 66 प्रतिशत प्रगति हुई है। इसके अलावा शिप्रा नदी के तट पर 29 किलोमीटर लंबे घाटों का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है और लगभग 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।

लगातार बढ़ रहा है सिंचित रकबा

बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश में सिंचित क्षेत्र लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान में निर्मित और निर्माणाधीन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद प्रदेश का सिंचित रकबा 95.45 लाख हेक्टेयर तक पहुंच जाएगा। वहीं, स्वीकृत अन्य परियोजनाओं को भी शामिल करने पर यह आंकड़ा 108 लाख हेक्टेयर हो जाएगा। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में लगभग 10 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षेत्र की बढ़ोतरी हुई है।

केन-बेतवा परियोजना से मिलेगा बड़ा लाभ

बैठक में केन-बेतवा अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजना की प्रगति की भी जानकारी दी गई। इस परियोजना से बुंदेलखंड क्षेत्र के 10 जिलों में 8.11 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी और 130 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन के लिए विशेष पैकेज के अंतर्गत 90 प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है।

स्लीमनाबाद टनल के उद्घाटन की तैयारी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नर्मदा की अमृत धारा को सोन नदी से जोड़ने वाली स्लीमनाबाद टनल के उद्घाटन की तैयारियां भी जल्द पूरी करने के निर्देश दिए। लगभग 11.95 किलोमीटर लंबी इस टनल के शुरू होने से जबलपुर, कटनी, सतना, मैहर, रीवा और पन्ना के करीब 1,500 गांवों की लगभग 2.5 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई का लाभ मिलेगा।

बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव वित्त मनीष रस्तोगी सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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