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राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्यप्रदेश में किसानों के लिए बिजली बिल में 93% सब्सिडी, जानें क्या है नया टैरिफ प्लान

31 मार्च 2025, भोपाल: मध्यप्रदेश में किसानों के लिए बिजली बिल में 93% सब्सिडी, जानें क्या है नया टैरिफ प्लान – मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली बिल में राहत देने का ऐलान किया है। ऊर्जा मंत्री प्रधुम्न सिंह तोमर ने रविवार को बताया कि राज्य सरकार कृषि उपभोक्ताओं के बिजली बिल का 93 प्रतिशत हिस्सा सब्सिडी के तौर पर वहन करेगी। इसके अलावा, अटल गृह ज्योति योजना के तहत 1 करोड़ से ज्यादा घरेलू उपभोक्ताओं को भी सस्ती बिजली का लाभ मिलेगा। यह फैसला 29 मार्च 2025 को विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी नई दरों के बाद लिया गया है।

किसानों को कितना फायदा?

नए नियम के मुताबिक, 3 हॉर्स पावर (HP) के पंप पर सालाना बिजली बिल 30,730 रुपये, 5 HP पर 54,671 रुपये और 10 HP पर 1,15,655 रुपये तय किया गया है। लेकिन सब्सिडी के बाद किसानों को सिर्फ 750 रुपये प्रति हॉर्स पावर के हिसाब से भुगतान करना होगा। यानी 3 HP पर 2,250 रुपये, 5 HP पर 3,750 रुपये और 10 HP पर 7,500 रुपये। बाकी राशि सरकार सब्सिडी के तौर पर देगी। मंत्री तोमर ने कहा, “3 HP पंप पर 28,480 रुपये, 5 HP पर 50,921 रुपये और 10 HP पर 1,08,155 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी।” प्रदेश के करीब 37 लाख किसानों को इस योजना का फायदा मिलेगा।

घरेलू उपभोक्ताओं के लिए क्या है खास?

अटल गृह ज्योति योजना के तहत 150 यूनिट तक बिजली खपत वाले घरों को राहत जारी रहेगी। पहले 100 यूनिट पर सिर्फ 100 रुपये देने होंगे, जबकि बाकी राशि (लगभग 566 रुपये) सरकार सब्सिडी में देगी। प्रदेश में ऐसे 1 करोड़ 7 लाख उपभोक्ता हैं।

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क्या बदला?

नए टैरिफ आदेश के तहत बिजली कंपनियों ने 7.52% बढ़ोतरी मांगी थी, लेकिन आयोग ने सिर्फ 3.46% की बढ़ोतरी को मंजूरी दी। 100 यूनिट तक खपत वाले घरों के बिल में 24 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन अटल योजना के तहत यह अतिरिक्त राशि सरकार भरेगी। इसके अलावा, मीटर रेंट या मिनिमम बिलिंग चार्ज नहीं लगेगा। 10 किलोवाट से कम लोड वाले स्मार्ट मीटर यूजर्स को सुबह 9 से शाम 5 बजे तक 20% छूट मिलेगी। पिछले वित्तीय वर्ष में सरकार ने सब्सिडी के लिए 23,695 करोड़ रुपये खर्च किए, जिसमें पुराने बकाया 3,067 करोड़ रुपये भी शामिल हैं। 2025-26 में भी लगभग इतनी ही राशि सब्सिडी पर खर्च होने का अनुमान है।

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नए टैरिफ में निम्न-दाब गैर-घरेलू और उच्च-दाब सीजनल उपभोक्ताओं की न्यूनतम बिलिंग खत्म कर दी गई है। उच्च-दाब उपभोक्ताओं को रात में बिजली इस्तेमाल पर 7.5% से 10% तक छूट मिलेगी। स्मार्ट मीटर और प्रीपेड उपभोक्ताओं के लिए छूट भी जारी रहेगी। हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए ग्रीन टैरिफ में कमी की गई है।

आयोग ने बिजली कंपनियों को उपभोक्ता सेवाएं बेहतर करने और शोध के लिए फंड बनाने के भी निर्देश दिए हैं। पूरा टैरिफ आदेश आयोग की वेबसाइट (https://www.mperc.in/) पर उपलब्ध है।

यह कदम किसानों और आम लोगों के लिए बिजली को किफायती बनाने की दिशा में उठाया गया है। हालांकि, सब्सिडी का बोझ राज्य के खजाने पर कितना असर डालेगा, इस पर अभी चर्चा बाकी है। फिलहाल, उपभोक्ताओं के लिए यह राहत की खबर है।

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