राज्य कृषि समाचार (State News)

नरवाई जलाने पर छिंदवाड़ा जिले में 60 एफआईआर दर्ज कराई

21 अप्रैल 2026, छिंदवाड़ानरवाई जलाने पर छिंदवाड़ा जिले में 60 एफआईआर दर्ज कराई – जिले में गेहूं कटाई का कार्य तेजी से चल रहा है तथा गेहूं की कटाई के बाद खेत में बचे हुए डंठल (नरवाई) का प्रबंधन उचित रूप से करने के लिये कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन के मार्गदर्शन में कृषि विभाग द्वारा मैदानी स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। नरवाई जलाने से खेत में मित्र कीट नष्ट होते हैं एवं खेतों की उर्वरा शक्ति भी कम होती है। इसलिए आगामी फसल में उत्पादन कम होने की भी संभावना रहती है। शासन द्वारा भी कृषकों के बीच नरवाई न जलाने के लिये जागरूकता फैलाई जा रही हैं। प्रत्येक पंचायत में गठित टीम द्वारा चौपाल/संगोष्ठी कर किसानों को नरवाई में आग न लगाने के लिये प्रेरित कर शपथ दिलाई जा रही है एवं मुनादी कराई जा रही है। साथ ही नरवाई जलाने पर दंडात्मक कार्यवाही के संबंध में अवगत कराया जा रहा हैं। किसानों द्वारा नरवाई प्रबंधन के लिये स्ट्रा रीपर का उपयोग, सुपर सीडर/हैप्पी सीडर द्वारा खड़ी नरवाई में बोनी करना, डीकंपोजर का उपयोग किया जा रहा हैं। जिले में कृषि विभाग एवं राजस्व विभाग के संयुक्त दल द्वारा लगातार नरवाई जलाने की घटनाओं पर नजर रखी जा रही है तथा नरवाई जलाने की सूचना मिलने पर दल द्वारा मौके पर जाँच कर कार्यवाही की जा रही हैं।

राजस्व विभाग के पटवारी, कृषि विस्तार अधिकारी, ग्राम पंचायत सचिव/रोजगार की टीम बनाई गई है, जो नरवाई जलाने की घटनाओं का पंचनामा बनाकर प्रतिवेदन प्रस्तुत कर रहे हैं। जिले मे अभी तक कुल 843 घटनायें सेटेलाईट द्वारा प्राप्त हुई है। अभी तक नरवाई जलाने पर तहसील चौरई में 15, चांद में 4, अमरवाड़ा में 10, उमरेठ में 8, परासिया में 2, बिछुआ में 10, तामिया में 6, छिंदवाड़ा में 1 तथा हर्रई में 4 एफआईआर दर्ज  की जा चुकी है तथा विकासखंड बिछुआ एवं छिंदवाड़ा में 1-1 किसान पर जुर्माना किया जा चुका हैं।

कलेक्टर श्री हरेन्द्र नारायन एवं उप संचालक कृषि द्वारा कृषकों से अपील की है कि कृषक नरवाई न जलाएं तथा खेतों को उपजाऊ बनाये रखने के लिए सुपर सीडर, स्ट्रा रीपर जैसे कृषि यंत्रों का उपयोग करें तथा मल्चर, रोटावेटर का उपयोग कर फसल अवशेषों से खाद बनाने जैसे उपाय अपनायें। समस्त कम्बाईन हार्वेस्टर में स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम (एसएमएस) या स्ट्रा रीपर का उपयोग अनिवार्य रूप से कराये जाये या हार्वेस्टर से कटाई के बाद सुपर सीडर से जायद फसलों की बोवनी की जाए, जिससे नरवाई में आग लगाने की घटनाएं न हो।

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