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राज्य कृषि समाचार (State News)

देश में रबी बुवाई गेहूं आगे, दलहन पीछे

(निमिष गंगराड़े)

नई दिल्ली। कृषक जगत ने 25 नवंबर के अंक मे ंप्रकाशित किया था कि गेहूं की बुवाई में तेजी आई है। इस सप्ताह भारत सरकार के कृषि मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़े भी इस तथ्य की पुष्टि करते हैं। इसके मुताबिक 28 नवंबर तक 150.74 लाख हे. में गेहूं की बोवनी हो चुकी है जो गत वर्ष की समान अवधि की तुलना में 9.49 लाख हे. अधिक है। पिछले साल 28 नवंबर तक 141.25 लाख हे. में ही बोवनी हो पाई थी। पिछले सप्ताह में म.प्र. (8.52 लाख हे.) राजस्थान (3.32 लाख हे.) के साथ बढ़त ले चुका है। वहीं पंजाब, महाराष्ट्र, उ.प्र. गेहूं की बुवाई में अभी गत वर्ष की तुलना में पीछे चल रहे हैं। देश में गेहूं का सामान्य क्षेत्रफल 305.58 लाख हे. हैं।

रबी धान – रबी धान का सामान्य क्षेत्रफल देश में हालांकि 42.76 लाख हे. हैं, दक्षिण भारत के सभी प्रदेशों में रबी में भी इसको लगाया जाता है। गत वर्ष की तुलना में धान बोवनी में भी बढ़ौत्री हुई है। अभी तक कुल 8.17 लाख हे. में बोवनी हो चुकी हैं। जिसमें तमिलनाडु आगे चल रहा है।
दलहनी फसलों की बुवाई धीमी : केंद्र सरकार ने धान, गेहूं के मुकाबले दलहनी, तिलहनी फसलों के समर्थन मूल्य में अधिक वृद्धि की हैं। लेकिन एमएसपी पर खरीद की सुनिश्चित नीति न होने के कारण किसानों की रूचि इन फसलों में किंचित कम है।
कृषि मंत्रालय के मुताबिक दलहनी फसलों का सामान्य क्षेत्रफल देश में 146 लाख हे. है। अभी तक 89.23 लाख हे. में बुवाई हुई है जबकि गत वर्ष 28 नवंबर तक 99 लाख हे. में बोवनी हो चुकी थी। म.प्र., महाराष्ट्र जैसे बड़े दलहन उत्पादक राज्यों में बोवनी अभी शेष है। यही स्थिति कमोवेश तिलहनी फसलों की है। गत वर्ष की तुलना में अभी तक देशभर में 3.38 प्रतिशत बोवनी कम होने की रिपोर्ट है।

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