राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

टमाटर की फसल में घटेगा खतरनाक कीटनाशकों का इस्तेमाल, ICAR-CABI मिलकर खोजेंगे सुरक्षित विकल्प

12 अगस्त 2026, नई दिल्ली: टमाटर की फसल में घटेगा खतरनाक कीटनाशकों का इस्तेमाल, ICAR-CABI मिलकर खोजेंगे सुरक्षित विकल्प – टमाटर की फसल में अत्यधिक खतरनाक कीटनाशकों के इस्तेमाल को कम करने और किसानों के लिए सुरक्षित विकल्प तलाशने की दिशा में नई पहल शुरू हुई है। इसके लिए भाकृअनुप-राष्ट्रीय एकीकृत कीट प्रबंधन अनुसंधान संस्थान (ICAR-NRIIPM), नई दिल्ली और CABI, UK के बीच सहयोगी कार्यक्रम शुरू किया गया है। इस सहयोगी कार्यक्रम की प्रारंभिक बैठक नई दिल्ली में आयोजित हुई। इसमें भारत में टमाटर उत्पादन के लिए एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM) के तहत अत्यधिक खतरनाक कीटनाशकों के कम जोखिम वाले विकल्पों की पहचान और उनकी प्रभावशीलता का परीक्षण किया जाएगा।

टमाटर में सुरक्षित कीट प्रबंधन पर जोर

बैठक की अध्यक्षता भाकृअनुप की सहायक महानिदेशक (पादप संरक्षण एवं जैव सुरक्षा) डॉ. पूनम जसरोतिया ने की। उन्होंने कहा कि टमाटर की फसल में वर्तमान में इस्तेमाल किए जा रहे अत्यधिक खतरनाक कीटनाशकों के प्रभावी, कम जोखिम वाले और लेबल-अनुमोदित रासायनिक विकल्पों की पहचान और उनका सत्यापन जरूरी है। उन्होंने कहा कि इन कीटनाशकों की खतरनाक प्रकृति और सुरक्षित विकल्पों की उपलब्धता के बारे में सीमित जानकारी के कारण इनका इस्तेमाल जारी है। सुरक्षित विकल्पों को लेकर वैज्ञानिक प्रमाण तैयार होने से किसानों को सही फैसला लेने में मदद मिलेगी और वे सुरक्षित विकल्पों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित होंगे।

टमाटर में IPM रणनीतियों का होगा परीक्षण

भाकृअनुप-एनआरआईआईपीएम के निदेशक डॉ. रमन थानागवेलु ने बताया कि एकीकृत कीट प्रबंधन यानी IPM में गैर-रासायनिक उपायों के साथ जरूरत के अनुसार सुरक्षित रासायनिक कीटनाशकों का इस्तेमाल किया जाता है। इससे फसल में कीट नियंत्रण के लिए अधिक टिकाऊ तरीका अपनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग कीटों और कृषि-जलवायु परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए IPM मॉड्यूल से अत्यधिक खतरनाक कीटनाशकों पर निर्भरता कम की जा सकती है। इस दौरान डॉ. मनोज चौधरी और डॉ. रेखा बलोदी ने टमाटर के लिए ICAR-NRIIPM की ओर से विकसित IPM मॉड्यूल की जानकारी दी।

सुरक्षित विकल्पों पर मिलकर होगा काम

CABI-इंडिया के निदेशक (दक्षिण एशिया) डॉ. विनोद पंडित ने सतत फसल उत्पादन के लिए CABI की वैश्विक पहलों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह सहयोग टमाटर के लिए सुरक्षित कीट प्रबंधन रणनीतियां विकसित करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि परियोजना से मिलने वाले परिणाम सब्जी उत्पादन में अत्यधिक खतरनाक कीटनाशकों पर निर्भरता कम करने के लिए एक मॉडल के रूप में काम कर सकते हैं।

खेतों में भी होगा सत्यापन

बैठक में परियोजना के तकनीकी पहलुओं और इसे लागू करने की रणनीति पर चर्चा हुई। वैज्ञानिकों ने परियोजना के अलग-अलग मॉड्यूल, काम करने की प्रक्रिया, क्षेत्रीय स्तर पर सत्यापन और हितधारकों की भागीदारी सहित अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। इस सहयोग का उद्देश्य टमाटर की फसल में प्रभावी कीट नियंत्रण के साथ-साथ अत्यधिक खतरनाक कीटनाशकों पर निर्भरता कम करना है, ताकि किसानों के लिए अधिक सुरक्षित और टिकाऊ कीट प्रबंधन व्यवस्था विकसित की जा सके।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture