केन्द्रीय मत्स्य पालन सचिव ने महाराष्ट्र के सजावटी ब्रूड बैंक का किया दौरा, मछली पालक किसानों से की चर्चा
09 मई 2026, नई दिल्ली: केन्द्रीय मत्स्य पालन सचिव ने महाराष्ट्र के सजावटी ब्रूड बैंक का किया दौरा, मछली पालक किसानों से की चर्चा – भारत सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के मत्स्य पालन विभाग के सचिव डॉ. अभिलक्ष लिखी ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के अंतर्गत महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के मंगरुल गांव स्थित सजावटी मत्स्य ब्रूड बैंक का दौरा किया। यह ब्रूड बैंक श्रीमती यशोधरा संजय खंडागले द्वारा स्थापित किया गया है, जो सजावटी मत्स्य पालन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण नवाचार के रूप में उभरा है।
दौरे के दौरान केंद्रीय सचिव ने ब्रूड बैंक की गतिविधियों का विस्तृत निरीक्षण किया और लाभार्थियों से सीधे संवाद कर जमीनी स्तर पर आ रही चुनौतियों, उत्पादन प्रक्रिया और विपणन से जुड़ी समस्याओं को समझा। उन्होंने मत्स्य पालकों को सरकारी योजनाओं के प्रभावी उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया और उत्पादन बढ़ाने के लिए तकनीकी सुधारों पर भी चर्चा की।
यह ब्रूड बैंक भारत में अपनी तरह की पहली पहल माना जा रहा है, जहां 25 से अधिक किस्मों की सजावटी मछलियों का संरक्षण और प्रजनन किया जाता है। यहां अब तक 20 प्रजातियों की लगभग 7.7 लाख सजावटी मछलियों का उत्पादन किया जा चुका है, जिससे करीब ₹1.93 करोड़ का राजस्व अर्जित हुआ है। इस केंद्र से 25 से 30 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार भी मिला है।
श्रीमती यशोधरा संजय खंडागले ने अपने ब्रांड “सैम डिस्कस” के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाली डिस्कस मछलियों के उत्पादन में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। 700 से अधिक टैंकों से सुसज्जित यह केंद्र कौशल विकास, रोजगार सृजन और सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
सजावटी मत्स्य पालन में नवाचार का मॉडल
यह ब्रूड बैंक सामूहिक दुर्घटना बीमा योजना (GAIS) और राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफॉर्म (NFDP) जैसी सरकारी योजनाओं से भी जुड़ा हुआ है। यहां से सजावटी मछलियों का निर्यात अमेरिका, इटली, फ्रांस, मॉरीशस, दक्षिण कोरिया, कतर, कुवैत, मलेशिया, चीन, उज्बेकिस्तान, नाइजीरिया और इज़राइल जैसे देशों में किया जा रहा है, जिससे भारत की वैश्विक पहचान मजबूत हो रही है।
पीएमएमएसवाई से बढ़ा क्षेत्र का विस्तार
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत सजावटी मत्स्य पालन क्षेत्र को देश में तेजी से बढ़ावा मिल रहा है। अब तक 1,986 बैकयार्ड इकाइयां, 6,018 फिश कियोस्क, 117 खुदरा बाजार, 5 ब्रूड बैंक और 199 एकीकृत सजावटी मछली इकाइयां स्थापित की जा चुकी हैं। यह पूरी श्रृंखला उत्पादन से लेकर विपणन तक मजबूत आधार तैयार कर रही है।
महाराष्ट्र में मत्स्य पालन की मजबूत स्थिति
महाराष्ट्र 877.97 किलोमीटर लंबी तटरेखा, 173 मछली लैंडिंग केंद्र और 526 मत्स्य ग्रामों के साथ एक सशक्त मत्स्य पालन राज्य है। यहां लगभग 15 लाख से अधिक मछुआरों की आजीविका इस क्षेत्र पर निर्भर है। वित्त वर्ष 2022-23 में राज्य में 5.9 लाख टन मछली उत्पादन दर्ज किया गया। हालांकि, निवेश के बेहतर उपयोग और उत्पादन क्षमता बढ़ाने की चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं।
जमीनी मूल्यांकन और भविष्य की दिशा
यह दौरा न केवल जमीनी स्तर की स्थिति समझने के लिए महत्वपूर्ण रहा, बल्कि इससे नीति निर्माण और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को भी दिशा मिलेगी। केंद्रीय सचिव ने कहा कि सजावटी मत्स्य पालन क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं और सही तकनीकी व नीतिगत सहयोग से इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाया जा सकता है।
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